मिर्जापुर। महुवरिया स्थित जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय परिसर में पुरानी पेंशन बहाली के लिए आंदोलन के प्रथम चरण में शिक्षकों ने शनिवार को धरना दिया। इस दौरान मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिला विद्यालय निरीक्षक के प्रतिनिधि राजकीय इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य को सौंपा गया।
वक्ताओं ने जिले के कई विद्यालयों में शिक्षकों का उत्पीड़न किए जान का आरोप लगाया। साथ ही इसपर नाराजगी भी जताई। वक्ताओं ने शिक्षकों के अवशेष देयकों का भुगतान न करने और एनपीएस कटौती दो साल विलंबित होने पर भी नाराजगी जताई। अध्यक्षता करते हुए जिलाध्यक्ष सत्यभूषण सिंह ने शिक्षकों से कहा कि यदि प्रबंधक किसी शिक्षक को सीधे नोटिस भेजते हैं तो उसका न दें। संचालन करते हुए जिला मंत्री डॉ. रमा शंकर शुक्ल ने कहा कि नई पेंशन योजना से आच्छादित शिक्षकों के प्रान खाते में अप्रैल 2021 तक के ही अंशदान की धनराशि भेजी गई है। इसके अलावा शिक्षकों के चयन, पदोन्नति, प्रोन्नति आदि के दस-दस साल तक के अवशेष देयक लंबित हैं। मंडलीय अध्यक्ष केदार नाथ दूबे और मंडलीय मंत्री गणेश प्रसाद सिंह ने चेतावनी दी कि यदि जिला विद्यालय निरीक्षक ने नियमों का उल्लंघन करने वाले प्रबंधकों के खिलाफ कार्रवाई नहीं की तो शिक्षक संघ संबंधित विद्यालयों में अनशन शुरू करेगा।
धरने में डॉ. धर्मराज सिंह, जितेंद्र बहादुर सिंह, बलवंत सिंह, नरेंद्र कुमार शर्मा, मिथिलेश सिंह, प्रेम नाथ द्विवेदी, डॉ. दिनेश कुमार चौरसिया, अभिलेख सिंह, डॉ. संजय मिश्र, उमाकांत, कौशल सिंह, राम सागर यादव, रश्मि, सुमन सिंह आदि शामिल रहे।