मिर्जापुर। अपने कर्तव्यों का पालन करते हुए शिक्षक संघर्ष करें तो अपना हक प्राप्त कर सकते हैं। डॉ. ब्रजेश कुमार भारती ने मंगलवार को बीएलजे इंटर कालेज में आयोजित दो दिवसीय अनुसूचित जाति जनजाति पिछड़ा एवं अल्पसंख्यक शिक्षक महासभा के अधिवेशन में कही।
बतौर मुख्य वक्ता उन्होंने कहा कि शिक्षक पूरे समाज को शिक्षित करता है लेकिन उसकी समस्याओं की ओर किसी का ध्यान नहीं जाता। विवश होकर उसे आंदोलन की राह पकड़नी पड़ती है। जनजागरण में शिक्षक की भूमिका एवं संगठन के महत्व विषय पर आयोजित इस गोष्ठी में अन्य वक्ताओं ने भी अपने विचार प्रकट किए। एमएलसी चुनावों पर भी चर्चा की गई। इसके पूर्व मुख्य अतिथि विंध्याचल मंडल के संयुक्त शिक्षा निदेशक डॉ. कामता राम पाल ने माल्यार्पण व दीप प्रज्ज्वलित कर कार्यक्रम का आरंभ किया। अध्यक्षता डॉ. सुंदरदास शास्त्री व संचालन मनोज कुमार नीलम ने किया। आभार प्रदर्शन भगौती प्रसाद ने किया। इस अवसर पर बीएलजे इंटर कालेज के प्रधानाचार्य श्याम जी सोनी, डा. प्रेमशंकर सिंह, शिवमुरारी सिंह, शांति देवी वैश्य, अरूण कुमार सिंह, बंबई राम आदि थे।