मिर्जापुर। मुजफ्फनगर में शिक्षक धर्मेंद्र सिंह की हुई हत्या के मामले में सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाते हुए माध्यमिक शिक्षकों ने शनिवार को उत्तर पुस्तिकाओं के मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया।
माध्यमिक शिक्षक संघों के संयुक्त आह्वान पर शिक्षकों ने तीनों केंद्रों पर मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। शिक्षकों ने मूल्यांकन केंद्रों पर प्रदर्शन भी किया। साथ ही धर्मेंद्र के परिजनों को पांच करोड़ का मुआवजा देने, 60 साल की आयु तक आश्रित को पूरा वेतन तथा नौकरी देने, आरोपी कांस्टेबल को कड़ी सजा दिलाने की मांग की। शिक्षक संघों ने सरकार को मांगें पूरी करने के लिए 22 मार्च तक का अल्टीमेटम दिया था। सरकार की तरफ से अभी तक 25 लाख रुपये दुर्घटना मुआवजा प्रदान किया गया है। प्रदर्शन में उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष सत्यभूषण सिंह, जिलामंत्री डॉ. रमा शंकर शुक्ल, मंडलीय मंत्री गणेश प्रसाद सिंह, डॉ. धर्मराज सिंह आदि शामिल थे। उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षक संघ पांडेय गुट के आह्वान पर राजस्थान इंटर काॅलेज में शिक्षकों ने मूल्यांकन कार्य का बहिष्कार किया। संगठन के मंडलीय मंत्री रमेश कुमार द्विवेदी ने मृतक के परिजनों को एक करोड़ रुपये मुआवजा देने की मांग की। केंद्र व्यवस्थापक अशोक कनौजिया ने बताया कि शनिवार को मूल्यांकन नहीं हुआ। बीएलजे इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य बीडी तिवारी ने बताया कि केंद्र पर शनिवार को मूल्यांकन कार्य नहीं हुआ। राजकीय इंटर काॅलेज के प्रधानाचार्य राजकुमार दीक्षित ने बताया कि सुबह के समय कुछ उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन हुआ, लेकिन बाद में शिक्षकाें ने मूल्यांकन का बहिष्कार कर दिया।
उधर, जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ सिंह ने जिले में बनाए तीनों मूल्यांकन केंद्रों के प्रभारियों से उत्तर पुस्तिकाओं का मूल्यांकन न करने वाले शिक्षकों की सूची मांगी है। उन्होंने बताया कि शिक्षा निदेशक ने इस संबंध में त्वरित कार्रवाई के लिए निर्देश दिया है।