सेवानिवृत्त शिक्षक ने बताया कि महिला ने खुद को ब्रिटिश नागरिक बताया। बातचीत में उसने भारत में रियल इस्टेट में निवेश करने की इच्छा जताई। उसने चार अक्तूबर 2024 को मैसेज कर बताया कि वो भारत आई है। मुंबई के अंतर राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर है।
उसने बताया कि उसके द्वारा लाए गए पांच लाख पाउंड (5 करोड़ 56 लाख) के डिमांड ड्राफ्ट को कैश कराने में कुछ तकनीकी दिक्कत आ रही है। जिसे कस्टम विभाग के निर्देश पर वह रिजर्व बैंक की शाखा में फोरेन रेमिटेंस विभाग में जमा कर दी है।
इसके बाद सात अक्तूबर 2024 को पीड़ित को एक ई-मेल आया। जिसमें लिखा था कि आपके नाम से डिमांड ड्राफ्ट जमा किया गया है। इसके लिए करेंसी कंवर्जन शुल्क जमा करना है। उसके बाद आए दिन किसी न किसी शुल्क के बाबत अलग-अलग विभाग के नाम से फोन और ई-मेल आते रहे। पीड़ित साढ़े चार बीघा जमीन बेचकर और अन्य लोगों से पैसा उधार लेकर भुगतान करता रहा। वह स्वयं के खाते से डेढ़ करोड़ का भुगतान किया।