88 हजार रुपये प्रतिटन पहुंच गया है बिटुमिन का दाम
मिर्जापुर। ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के चलते तारकोल के दाम आसमान छूने लगे हैं। पंद्रह दिन में तारकोल 13,157 रुपये प्रति टन महंगा हुआ है। इसके कारण 500 सड़कों के निर्माण का काम ठप हो गया है। ठेकेदार रिवाइज एस्टीमेट बनाने की मांग कर रहे हैं।
दो महीने में तारकोल (बिटुमिन) का दाम दोगुना हो गए हैं। बढ़े दाम के हिसाब से भुगतान न होने से ठेकेदारो ने निर्माण कार्य रोक दिया है। लोक निर्माण विभाग में प्रांतीय खंड और निर्माण खंड के अलावा प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना, जिला पंचायत समेत अन्य सड़काें का नवीनीकरण का कार्य होना है। बरसात से पहले इसी समय सड़कों का निर्माण होता है। प्रांतीय खंड और निर्माण खंड में 200-200 और अन्य योजना में 100 सड़कों का नवीनीकरण होना था। सड़क निर्माण में तारकोल (बिटुमिन) की जरूरत होती है। ठेकेदारों को 45 हजार टन में बिटुमिन के हिसाब से स्टीमेट बना था। ईरान युद्ध का असर तारकोल पर पड़ा। हर 15 दिन पर तारकोल के नए मूल्य जारी हो गए हैं। पिछले दो महीने लगातार 10 से 15 हजार रुपये की बढ़ोतरी हो रही है। पिछली बार 11 हजार रुपये प्रतिटन की वृद्धि हुई है। इसके चलते बिटुमिन के दाम बढ़कर लगभग 88 हजार के करीब पहुंच गया है। लोक निर्माण विभाग में ठेकेदारों को बढ़े हुए दाम पर बिटुमिन का भुगतान नहीं हो रहा है। जबकि एनएचआई ने बढ़े मूल्य का भुगतान का आदेश दिया है।
इन प्रमुख मार्गाें का रुका निर्माण कार्य
जिले के प्रमुख मार्ग में जिगना-मिर्जापुर मार्ग, कछवां-जमुआ-राजा तालाब मार्ग, विंध्याचल में अमरावती मार्ग आदि प्रमुख मार्ग का निर्माण कार्य रुक गया है।
लोगों की राय
समय पर मथुरा ऑयल रिफाइनरी से बिटुमिन भी नहीं मिल पा रहा है। सरकार को सभी स्टीमेट रिवाइज कराकर ठेकेदारों को भुगतान करना चााहिए।
सुभाष सिंह, ठेकेदार
एनएचआई ने तो ठेकेदारों को राहत दी है पर पीडब्ल्यूडी की ओर से बढ़े तारकोल के हिसाब से भुगतान का आदेश नहीं आया है। इससे ठेकेदार परेशान हैं। उन्हें घाटा हो रहा है।
राकेश उपाध्याय, ठेकेदार
बिटुमिन का दाम बढ़ने से निर्माण करना मुश्किल है। सड़क निर्माण का खर्च बढ़ गया है। सरकार या विभाग की ओर से बढ़े दाम के भुगतान पर कोई निर्णय नहीं लिया जा रहा है।
रमाकांत त्रिपाठी, ठेकेदार
युद्ध से बिटुमिन के दाम बढ़े हैं। ठेकेदारों को नुकसान हो रहा है। पीडब्ल्यूडी को चाहिए कि एनएचआई की तरह बढ़े तारकोल का भुगतान कर राहत दी जाए।
शैलेंद्र मिश्रा, ठेकेदार
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तारकोल की कीमत कब कितनी रही
1 नवंबर- 47226
16 जनवरी - 52953
16 मार्च -58720
1 अप्रैल- 75168
16 अप्रैल- 88325
नोट: आंकड़े रुपये प्रति टन में
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वर्जन
तारकोल के दाम तो बढ़ रहे हैं। इसका असर सड़कों के निर्माण कार्य पर पड़ रहा है। बढ़े दाम का भुगतान का निर्णय शासन से होना है। फिलहाल जिनका जिस स्टीमेट पर टेंडर हुआ है। जिन्होंने बाॅन्ड भरा है। उनको निर्माण करने को कहा जा रहा है। जिन्होंने बाॅन्ड नहीं भरा है। उन्हें बाॅन्ड भरने के लिए पत्र लिखा जा रहा है।
अशोक कुमार, अधिशासी अभियंता, लोक निर्माण विभाग
बिटुमिन के चलते रुका रेलवे स्टेशन का निर्माण कार्य। स्रोत- संवाद