धान के दामिनी बीज से गैर जनपदों में किसानों को काफी नुकसान उठाना पड़ा। वहीं समय रहते कृषि विभाग ने दामिनी बीज नहीं लेने के निर्णय से किसान नुकसान से बच गए। कृषि विभाग ने किसानों को धान की अच्छी पैदावार के लिए एनडीआर 2064 और स्वर्णा सबवन की अच्छी क्वालिटी का बीज मगाया है। जिससे किसानों को अच्छी फसल मिलने की आशा है।
जिले में साधन सहकारी समितियों और निजी दूकानों के माध्यम से किसानों को बीज उपलब्ध कराया जाता है। कृषि विभाग को धान की दामिनी किस्म का वितरण अन्य जिलों में किया जा रहा था, लेकिन दामिनी बीज में शिकायत की सूचना मिलने पर जिले के आलाधिकारियों ने बीज नहीं मंगाया। इसके स्थान पर एनडीआर 2064 और स्वर्णा सब वन किस्म का बीज मंगाया है। वर्तमान समय में 84 साधन सहकारी समितियों से बीजों का वितरण किया जा रहा है।
इन साधन सहकारी समितियों पर लगभग एक लाख 44 हजार किसान पंजीकृत हैं। जिनकों बीजों का वितरण किया जा रहा है। इन बीजों पर 30 रूपया प्रति किग्रा की दर से किसानों को वितरित किया जा रहा है। वहीं बीज पर 14 रूपया प्रति किग्रा की दर से सब्सिडी भी प्रदान की जा रही है।