चुनार। भक्तों की प्रार्थना रंग लायी। ऽयथार्थ गीताऽ के प्रणेता और इसके उद्गाता परमहंस स्वामी अड़गड़ानंद महाराज पूरी तरह स्वस्थ हो गए हैं। पिछले पांच दिन से ककरमत्ता स्थित एक निजी अस्पताल में उपचार के बाद चिकित्सकों द्वारा उन्हें सोमवार को डिस्चार्ज कर दिया गया। इसके बाद महाराज सक्तेशगढ़ आश्रम (चुनार) के लिए आ गए। दोपहर में जब स्वामी जी के वाहनों का काफिला आश्रम गेट पर पहुंचा तो परिसर जयकारों से गूंज उठा।
आश्रम के वरिष्ठ संत नारद महाराज के अनुसार चिकित्सकों की एक टीम की निगरानी में गुरु महाराज 30 सितम्बर तक आश्रम में सम्पूर्ण आराम करेंगे। चूंकि चिकित्सकों ने उन्हें भीड़ से बचने को कहा है इसलिए चिकित्सकों की सलाह के अनुरूप इस दौरान गुरु महाराज का दर्शन किसी भी भक्त को प्राप्त नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सभी भक्त अपने गुरु महाराज के स्वास्थ्य लाभ में सहयोग प्रदान करें और आश्रम नहीं आएं। जो जहां हैं वहीं से मन ही मन उनका ध्यान करे। स्वामी अड़गड़ानंद जी महाराज का पांच दिन पहले अचानक स्वास्थ्य खराब हो गया था और उन्हें तत्काल ककरमत्ता स्थित अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उनके स्वास्थ्य को लेकर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भी चिंतित थे। उन्होंने गुरु महाराज से फोन पर बात कर उनका हाल जाना था। इसी कड़ी में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने गुरु महाराज का कुशलक्षेम पूछा था। उनके अलावा कांग्रेस और सपा के नेताओं ने भी गुरु महाराज का हालचाल लिया। उनके शीघ्र स्वस्थ होने की मंगल कामना की। स्वामी अड़गड़ानंद महाराज के स्वस्थ होने पर सभी ने हार्दिक प्रसन्नता व्यक्त करते हुए ईश्वर के प्रति आभार प्रकट किया है।
आम भक्तों के लिए बंद रहेगा आश्रम का द्वार
- फिलहाल अगले आदेश तक आश्रम का द्वार आम भक्तों के लिए बंद रहेगा। आश्रम सूत्रों की मानें तो 10 से 15 दिन बाद ही इस पर कोई निर्णय लिया जा सकता है।