तहसील दिवस में मंगलवार को कुल 437 मामले आए, जिसमें महज 24 का मौके निस्तारण किया जा सका। शेष प्रार्थना पत्राें को संबंधित अधिकारी को निस्तारण के लिए सौंप दिया गया।
मड़िहान तहसील में तो एक भी मामले का निस्तारण मौके पर नहीं किया गया। जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह एवं पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र ने तहसील लालगंज में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियाें की समस्याएं सुनीं और उन्हें निस्तारित करने का निर्देश दिया।
लालगंज तहसील में 105 प्रार्थना पत्र आये, जिसमें से 15 मौके पर ही निस्तारित किए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों से कहा कि प्रार्थनापत्र में जो गंभीर मामला हो उसमें सक्षम अधिकारी स्वयं जांच करें और समय से संबंधित तहसील में अपनी आख्या दें।
कहा कि अब समय से निस्तारण न होने पर कार्रवाई तय मानी जाए। डीएम ने कहा कि फरियादियाें के मोबाइल नंबर सही लिखे जाएं और फारियादियाें से भी सही नंबर लिखने को कहा जाए,
ताकि गुणवत्ता की जांच की जा सके। इस दौरान एसडीएम लालगंज जीसी राम, मुख्य चिकित्साधिकारी, जिला कार्यक्रम अधिकारी इंदू मिश्रा, समाज कल्याण अधिकारी महेंद्र कुमार, पिछड़ा वर्ग कल्याण अधिकारी भुवनेश्वर पांडेय, जिला विकास अधिकारी मनोज राय,
अतिरिक्त जिला सूचना अधिकारी ओम प्रकाश उपाध्याय, डीसी मनरेगा सुशील कुमार तिवारी, विकलांग कल्याण अधिकारी ऋतुराज सिंह आदि मौजूद रहे।
मड़िहान संवाददाता के अनुसार, उपजिलाधिकारी मड़िहान राजकुमार की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में 57 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें एक भी मामले का निस्तारण नहीं हो सका।
मामले को 15 दिन के अंदर निस्तारण कराने के लिए संबंधित अधिकारी को भेज दिया गया। सदर तहसील में 205 प्रार्थना पत्र में से सिर्फ पांच का मौके पर निस्तारण किया गया।
एसडीएम सदर अशोक कनौजिया की अध्यक्षता में आयोजित तहसील दिवस में फरियादियों ने अपनी समस्याओं को अधिकारी से बताया।
चुनार तहसील में एडीएम वित्त एवं राजस्व डीएस उपाध्याय की अध्यक्षता में तहसील दिवस में 70 प्रार्थना पत्र आए, जिसमें से सिर्फ चार का मौके पर निस्तारण किया गया। इस दौरान तहसीलदार चंद्रप्रकाश प्रियदर्शी मौजूद रहे।