धूप से बचाव के लिए छाता लेकर बच्चे के साथ जाती युवती।
माह मई का एक पखवरा बीत जाने के बाद भगवान भास्कर की तपिश कहर बरपा रही है। मंगलवार की दोपहर 12 बजे के बाद से गर्म हवाओं के थपेड़ों से जनजीवन बेहाल रहा। प्रचंड गर्मी व चिलचिलाती धूप में नगर के प्रमुख सड़कों, बाजारों, गलियों, कालोनियों एवं चौराहों पर सन्नाटा पसरा रहा। जरूरी कार्यवश घरों से निकलने वाले लोग अपने चेहरे आदि को कपड़े से भलीभांति ढंक कर ही बाहर निकले। वहीं शहर में अंधाधुंध बिजली कटौती ने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी है।
जनपद के नगरीय इलाकों सहित ग्रामीण अंचलाें में वर्तमान समय में प्रचंड गर्मी का कहर जारी है। सूर्योदय होने के चंद घंटे बाद ही आसमान से आग बरसने लग रहा है। सुबह नौ बजे से अपराह्न तीन बजे तक तल्ख धूप व उमस के चलते लोग पसीने-पसीने होते रहे। मंगलवार को अधिकतम तापमान 42 डिग्री तथा न्यूनतम 28 डिग्री सेल्सियस रिकार्ड किया गया। धधकते सूरज की गर्मी के चलते इंसानों के साथ ही पशु-पक्षियों का भी हाल बेहाल नजर आ रहा है। प्रचंड गर्मी में भगवान इंद्रदेव कभी-कभी मौसम में बदलाव भी कर दे रहे हैं। विगत दो दिनों से लगतार सायंकाल मौसम का मिजाज बदलने से तापमान में गिरावट तो आ जा रही है, लेकिन उमस जस की तस बनी हुई है।
मंगलवार की सुबह तो चंद मिनट के लिए पड़ी रिमझिम फुहार से गर्मी के साथ उमस भी अपने चरम पर रही, जिससे जनजीवन बेहाल रहा। भीषण गर्मी के साथ बिजली की अंधाधुंध कटौती के कारण कूलर, पंखे व एसी के नहीं चलने से लोग ठंडी हवा लेने को भी तरस जा रहे हैं, वहीं बिजली की रात्रिकालीन कटौती कोढ़ में खाज का काम करती नजर आ रही है, जिससे लोगों की रातों की नींद हराम हो रही है, बावजूद इसके महकमा लापरवाह बना हुआ है। गर्मी पड़ने से नगर के शीतल पेय पदार्थों की दूकानों पर ग्राहकों की भीड़ जुटी रही।