कछवां। नगर पंचायत सहित ग्रामीण इलाकों में गर्मी शुरू होते ही पानी की किल्लत शुरू हो गई। खासतौर पर गांव व कस्बे की स्थिति बेहद खराब है। इस समय गांव में प्रधान के स्थान पर प्रशासक व्यवस्थाओं का संचालन कर रहे हैं। अधिकांश ग्राम पंचायतों में रख-रखाव के अभाव में हैंडपंप खराब पड़े हुए हैं। ग्रामीण चंदे से मरम्मत कराकर अपनी प्यास बुझा रहे हैं।
मझवां विकास खंड के बरैनी, भैसा, गडौली, महामलपुर, बाडापुर, रामापुर, चकिया, नरायनपुर व जमुआ आदि गांवों में पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए नलकूप और पानी की टंकियां तो हैं लेकिन देखरेख के अभाव में खाली हैं। ग्रामीणों को पानी के लिए दूर-दूर तक भटकना पड़ रहा है। कहीं- कहीं पर तो फिर से लोग या तो कुओं का सहारा ले रहे हैं या फिर किराए पर टैंकर मंगाकर पानी का इंतजाम कर रहे। पेयजल समस्या से निजात दिलाने के लिए पिछले ही साल प्रदेश के तीन-तीन मंत्रियों ने जिले के अधिकारियों के साथ बैठक कर किल्लत को दूर करने का दावा किया था। गांव-गांव में पाइप लाइन बिछाने बात भी कही थी। दुबारा गर्मी आ गई अभी तक प्रशासनिक व्यवस्था का कहीं अतापता नहीं।