मड़िहान। मड़िहान में जमीन के धोखाधड़ी मामले में शिकायत के बाद कार्रवाई न होने पर पीड़ित प्रियंका टिबड़ेवाल ने सोशल मीडिया पर आत्महत्या की चेतावनी दी। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली।
बिहार के भागलपुर के कहलगांव निवासी प्रियंका टिबड़ेवाल और उनकी देवरानी कोमल टिबड़ेवाल ने पांच-पांच बिस्वा जमीन खरीदी थी। रिश्तेदार सुनीता अग्रवाल निवासी अग्रवाल बाजार, सोनभद्र ने 10 बिस्वा जमीन की रजिस्ट्री उसी दिन कराई थी। एक जून 2022 को मड़िहान के रैकरा गांव स्थित 1.138 हेक्टेयर भूमि में से 20 बिस्वा भूमि का सौदा रीता पांडे निवासी रैकरा और उनके भाई राजीव पांडे निवासी रामनगर, वाराणसी ने कराया था।
प्रियंका का आरोप है कि जब नामांतरण के लिए लेखपाल से संपर्क किया गया तो पता चला कि रीता पांडे अपने हिस्से से अधिक 1.999 हेक्टेयर जमीन पहले ही बेच चुकी हैं। लगभग 0.061 हेक्टेयर जमीन अधिकार से ज्यादा बेची गई। आरोप लगाया कि 50-60 अन्य लोगों को भी इसी भूमि में फंसाकर ठगा गया है। आरोपियों के खिलाफ ऑनलाइन और ऑफलाइन शिकायत के बाद भी प्राथमिकी दर्ज नहीं होने पर सुनीता अग्रवाल ने एक्स पर गृहमंत्री, मुख्यमंत्री, डीजीपी, उत्तर प्रदेश पुलिस और मिर्जापुर पुलिस को टैग कर ट्वीट में आत्महत्या की बात लिखी। इसे देखने के बाद पुलिस पांच घंटे बाद ही सक्रिय हो गई। सोमवार को आरोपियों के खिलाफ मड़िहान थाने में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई। थानाध्यक्ष रविंद्र भूषण मौर्य ने बताया कि प्रियंका की तहरीर पर राजीव पांडे और रीता पांडे के खिलाफ धोखाधड़ी, कूटरचना, जालसाजी और आपराधिक विश्वासघात की धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की विवेचना की जा रही है।