नामांकन पत्र की बिक्री के दौरान जीडी बिनानी कालेज में शनिवार की दोपहर उपद्रव मचा रहे उम्मीदवारों के समर्थकों को पुलिस ने लाठी भांजकर खदेड़ा।
इससे वहां अफरा तफरी मच गई। भागने के चक्कर में कई छात्र नाले एवं सड़क पर गिरकर घायल हो गए। वहीं कुछ छात्र पुलिस की लाठी से भी घायल हुए। जीडी बिनानी और केबी कालेज में होने वाले छात्रसंघ चुनाव की अधिसूचना जारी होने के बाद छात्रों ने नामांकन पत्र खरीदे।
केबी कालेज में 22 तथा जीडी बिनानी कालेज में 22 पर्चे खरीदे गए। नामांकन पर्चो की खरीददारी के दौरान दोनों महाविद्यालयों में गहमागहमी का माहौल रहा। छात्र उम्मीदवारों के समर्थक अपने-अपने प्रत्याशियों के समर्थन में नारे लगा रहे थे।
नगर के भरुहना स्थित जीडी बिनानी कालेज के मुख्य चुनाव अधिकारी डा. के के चौरसिया ने बताया कि अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री पद के लिए तीन-तीन छात्रों ने नामांकन पत्र खरीदा।
वहीं पुस्तकालय मंत्री और वाणिज्य संकाय के लिए चार-चार और कला संकाय के लिए पांच उम्मीदवारों ने नामांकन पर्चा खरीदा। नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान उपद्रव कर रहे छात्रों को पुलिस द्वारा लाठी भांजकर खदेड़ने की खबर लगते ही गहमा गहमी का माहौल रहा।
प्राचार्य डा. राजीव अग्रवाल ने छात्रसंघ उम्मीदवारों से कहा कि वह विश्वविद्यालय आचार संहिता का पालन करें। इस दौरान डा. ध्रुवजी पांडेय, डा. मदन श्रीवास्तव, डा. राजेश श्रीवास्तव, डा. ओम शंकर गुप्ता, डा विमलेश सिंह, डा नागेंद्र द्विवेदी, डा केके त्रिपाठी, डा शंभुनाथ तिवारी आदि मौजूद रहे।
केबी कालेज के चुनाव अधिकारी डा. शशांक शेखर द्विवेदी के अनुसार छात्रसंघ चुनाव के लिए शनिवार को 22 नामांकन पत्र खरीदे गए। जिनमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और महामंत्री पद के लिए दो-दो नामांकन पत्र खरीदे गए। साथ ही पुस्तकालय के लिए चार, कला संकाय के लिए सात और विज्ञान संकाय के लिए चार ने नामांकन पत्र खरीदा।
शिक्षा संकाय प्रतिनिधि के लिए एक अभ्यर्थी ने नामांकन पत्र लिया। जिससे शिक्षा संकाय प्रतिनिधि के निर्विरोध चुने जाने की संभावना बढ़ गई है। मुख्य चुनाव अधिकारी ने बताया कि 14 सितंबर को पूर्वान्ह 11 से अपरान्ह तीन बजे तक नामांकन कार्य होगा।
उन्होंने कहा कि नामांकन के दौरान केवल प्रत्याशी, प्रस्तावक और समर्थक ही कालेज में प्रवेश कर सकेंगे। कहा कि प्रत्येक प्रत्याशी अपना परिचय पत्र, प्रवेश शुल्क रसीद मूल प्रति, हाईस्कूल का प्रमाण पत्र, शपथ पत्र, नामांकन शुल्क की मूल रसीद साथ लाए।
प्राचार्य डा. वीरेंद्र सिंह ने बताया कि नामांकन पत्रों की बिक्री के दौरान सुरक्षा के पर्याप्त व्यवस्था किया गया था।