जिलाधिकारी ने 50 लाख रुपये से अधिक लागत वाली परियोजनाओं, भूलेख अंकन, आयुष्मान भारत, जननी सुरक्षा योजना में हुई प्रगति की जानकारी ली। इस दौरान विभिन्न योजनाओं की प्रगति ठीक नहीं मिलने पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों से कड़ी नाराजगी जताई। बैठक में मौजूद नहीं रहने पर जिलाधिकारी ने तीन अधिकारियों का वेतन भी रोक दिया है।
कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित बैठक के दौरान जिलाधिकारी ने लोक निर्माण विभाग के अधिशासी अभियंता को कार्य में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर चेतावनी दी। साथ ही कार्य में तेजी लाने का निर्देश दिया। बैठक के दौरान 50 लाख से अधिक लागत वाली परियोजनाओं में हुई प्रगति की भी समीक्षा की गई। इस दौरान जिलाधिकारी अधिकारियों को जो परियोजनाएं पूरी हो गई हैं, उन्हें संबंधित विभागों को हस्तांतरित करने का निर्देश दिया।
बगैर किसी सूचना के बैठक में नहीं आने पर सिंचाई विभाग चुनार खंड - 4 व लुघ सिंचाई के अधिशासी अभियंता के अलावा जिला विद्यालय निरीक्षक का एक दिन का वेतन रोकने के साथ ही जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों से स्पष्टीकरण मांगने का निर्देश दिया। लोक निर्माण विभाग प्रांतीय खंड के अधीन प्रस्तावित छह सड़कों में से मात्र एक का निर्माण कार्य पूरा होने पर अधिशासी अभियंता को उनके खिलाफ कार्रवाई के लिए प्रमुख सचिव को संस्तुति करने की चेतावनी दी। साथ ही कार्य में तेजी लाने की हिदायत भी दी। निर्माण खंड-2 के अधिशासी अभियंता ने बताया कि उनके क्षेत्राधिकार में प्रस्तावित 22 सड़कों में से पांच का निर्माण कार्य पूरा करा लिया गया है। अन्य सड़कों का निर्माण कार्य प्रगति पर है। सितंबर माह के अंत तक सी सड़कों का कार्य पूरा करा लिया जाएगा।
भूलेख अंकन के कार्य में ठीक प्रगति नहीं होने पर उन्होंने कृषि विभाग के अधिकारियों से नाराजगी जताई। पशुपालन विभाग के अधिकारियों को उन्होंने निर्देश दिया कि पशुओं में होने वाली बीमारियों के दृष्टिगत टीकाकरण कार्य में तेजी लाएं। मुख्य चिकित्साधिकारी को उन्होंने चिकित्सकों के रिक्त पदों पर संविदा पर नियुक्ति कराने का निर्देश दिया। आयुष्मान भारत के तहत गोल्डन कार्ड बनाये जाने की धीमी प्रगति पर जिलाधिकारी ने मुख्य चिकित्साधिकारी से नाराजगी भी जताई। जिला अर्थ एवं संख्या अधिकारी को निर्देश दिया कि गोल्डन कार्ड में ठीक प्रगति नहीं लाने वाले अधिकारियों के खिलाफ शासन को पत्र लिखें। एंबुलेंस 102 व 108 के मौके पर पहुंचने का गलत समय दर्शाए जाने पर उन्होंने अधिकारियों को सही रिपोर्टिंग करने का निर्देश दिया। साथ ही चेतावनी दी कि अगले माह गलत रिपोर्टिंग करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जननी सुरक्षा योजना में 88 प्रतिशत लाभार्थियों के भुगतान तथा आशा कार्यकर्ताओं के मानदेय के भुगतान को लेकर उन्होंने नाराजगी जताई। उन्होंने 14वें वित्त से प्राप्त धनराशि से प्रस्तावित कार्यों का ब्लॉकों के कम से कम पांच-पांच ग्राम पंचायतों सत्यापन कराने, अमृत योजना के तहत जलापूर्ति की योजना में घर-घर कनेक्शन जोड़ने के कार्य में तेजी लाने का भी निर्देश दिया। उन्होंने विभिन्न कार्यों के लिए खोदी गई सड़कों का निर्माण कार्य अक्तूबर तक हर हाल में पूरा कराने की हिदायत दी। साथ ही आगाह किया कि कार्य में लापरवाही की शिकायत मिलने पर संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।