मिर्जापुर। नीट पेपर लीक, छात्रों पर लाठीचार्ज और सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता बुधवार को कार्यालय पर एकत्र होकर प्रदर्शन करते रहे। पुलिस ने सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी समेत कई नेताओं को सुबह से ही उनके घरों पर हाउस अरेस्ट कर दिया। इसके बावजूद कार्यकर्ता पार्टी कार्यालय पहुंचे।
सपा कार्यालय के बाहर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। एएसपी सिटी नितेश सिंह, सीओ सिटी अमित कुमार तथा शहर, कटरा, देहात, कछवां और चील्ह थानों की पुलिस, पीएसी के साथ मौके पर मौजूद रही। सपा कार्यकर्ता कार्यालय के भीतर धरने पर बैठकर विरोध जताते रहे और जिलाध्यक्ष व अन्य नेताओं को कार्यालय लाने की मांग करते रहे। दोपहर एक बजे पुलिस सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी को लेकर पार्टी कार्यालय पहुंची। पहुंचने पर नगर मजिस्ट्रेट ज्ञापन लेने पहुंचे। इस दौरान ज्ञापन देने के लिए कलेक्ट्रेट जाने की मांग को लेकर सपा कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। करीब 10 से 15 मिनट तक चले विवाद के बाद ज्ञापन सौंपे जाने पर मामला शांत हो गया।
सपा जिलाध्यक्ष देवी प्रसाद चौधरी ने कहा कि समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिरासत में लेकर उनसे अभद्रता किया जाना लोकतांत्रिक मूल्यों पर गंभीर प्रश्न खड़ा करता है। उन्होंने नीट पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को बर्खास्त करने की मांग की। साथ ही सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की समुचित चिकित्सा व्यवस्था कर तत्काल रिहाई, जंतर-मंतर पर छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की न्यायिक जांच तथा आत्महत्या करने वाले छात्र-छात्राओं के परिवारों को एक करोड़ रुपये का मुआवजा और सरकारी नौकरी देने की मांग की। अभय यादव ने कहा कि समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पुलिस से डरने वाले नहीं हैं। अशोक यादव ने कहा कि पुलिस लाठीचार्ज करे या जेल भेजे, कार्यकर्ता डरने वाले नहीं हैं।
धरना-प्रदर्शन में रोहित शुक्ला, दामोदर प्रसाद मौर्य, सुरेंद्र सिंह पटेल, राजेश भारती, आकाश यादव, सत्यप्रकाश यादव, अभय यादव, रंजीत फौजी, राजकुमार यादव, आकाश यादव, धीरेंद्र सिंह, अनुराग तिवारी, पीयूष यादव आदि मौजूद रहे।
लोहिया ट्रस्ट स्थित समाजवादी पार्टी के कार्यालय पर पुलिस के साथ धक्का मुक्की करते कार्यकर्ता,