पुलिस अधीक्षक सोमवार को नगर के फतहां स्थित सिंचाई विभाग में जिले की चार
नहरों के निर्माण, मरम्मत समेत अन्य कार्यों के लिए पड़ने वाले टेंडर के
दौरान माफियाओं के गुर्गों के पहुुंचने की जानकारी होने पर विभाग में धमक
पड़े।
उनके पहुंचते ही ठेकेदारों के साथ आए गुर्गे वहां से गायब हो गए।
एसपी ने परिसर में मौजूद ठेकेदारों समेत सड़क पर करीब चार घंटे तक चेकिंग
अभियान चलाकर सपा, बसपा, भाजपा समेत अन्य कई पार्टी नेताओं की गाड़ी का
चालान करते हुए काली फिल्म उतरवाई।
इस कार्रवाई से परिसर समेत अन्य स्थानों
पर हड़कंप मचा रहा।पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन सोमवार की दोपहर करीब 12
बजे अचानक सिंचाई विभाग में पहुंच गए। उनके पहुंचते ही वहां मौजूद
ठेकेदारों की गाड़ियों को चेक करना शुरू हुआ। यह देखते ही ठेकेदारों के साथ
मौजूद माफियाओं के गुर्गे धीरे धीरे खिसक गए।
फिर भी कुछ लोगों के असलहे
चेक करते हुए उनके लाइसेंस को भी देखा। इसके बाद सड़क पर आए और रास्ते से
गुजरने वाली गाड़ियों को रोक कर खुद चेक करने लगे।
एसपी द्वारा गाड़ी चेक
करने की खबर लगते ही शहर कोतवाली एवं यातायात प्रभारी, सीओ लाइन समेत अन्य
पुलिस कर्मी भाग कर मौके पर पहुंचे और गाड़ियों को चेक करने लगे । चेकिंग
के दौरान वाहनों पर पुलिस एवं अन्य सरकारी विभागों का लोगों लगा कर चलने
वाहनों पर काली स्याही लगवाते हुए चालान किया गया।
चेतावनी दी कि दोबारा
वाहन पर लोगों लगवाने पर उनकी गाड़ी सीज कर दी जाएगी। साथ ही जुर्माना भी
लगाया जाएगा।शाम तक लगभग 200 वाहनों को चेक करते हुए 20 हजार रुपये
जुर्माना वसूला गया।
पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने बताया कि सुप्रीम कोर्ट
का आदेश है कि वाहनों पर विभागीय लोग काली फिल्म, लाल नीली बत्ती नहीं लगा
कर चलें। जिसको लाल नीली बत्ती निर्धारित है केवल वहीं लगा कर चलें।
उसी के तहत सोमवार को चेकिंग अभियान चलाया गया।