मिर्जापुर। त्रिस्तरीय पंचायत चुनाव में एक बार फिर निर्दल प्रत्याशियों की खुद की पहचान काम आई। जिला पंचायत सदस्यों के चुनाव में 12 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने विजय हासिल की। वहीं समाजवादी पार्टी सबसे बड़ी राजनीतिक पार्टी बनकर उभरी है। सपा (सहयोगी दल) समर्थित प्रत्याशियों ने 12 सीटों पर कब्जा जमाया। जबकि केंद्र व राज्य में शासन कर रही भाजपा को केवल पांच सीटों से ही संतोष करना पड़ा। अपना दल (एस) ने भी शानदार प्रदर्शन किया और चार सीटों पर पार्टी समर्थित उम्मीदवारों ने विजय हासिल की। वहीं नामांकन के बाद भी प्रत्याशियों की लिस्ट के लिए जद्दोजहद करने वाली बहुजन समाज पार्टी के समर्थितों ने छह सीटों पर जीत हासिल की। वहीं कांग्रेस के तीन, भारतीय किसान यूनियन और महान दल के उम्मीदवार एक-एक सीट पर जीते।
जिले में जिला पंचायत सदस्यों की कुल 44 सीटें हैं। इसको लेकर प्रत्याशी महीनों से तैयारी में जुटे थे। कोरोना संक्रमण के बावजूद प्रत्याशी पूरी ताकत से चुनाव प्रचार कर रहे थे। वहीं राजनीतिक पार्टियों के बैनर के लिए भी लोगों ने एड़ी चोटी का जोर लगाया। कहीं तो धन बल का भी इस्तेमाल करना पड़ा। तीन दिनों में आए चुनाव परिणाम में प्रत्याशियों की खुद की लगन मेहनत का भरपूर असर दिखा। 12 सीटों पर निर्दलीय उम्मीदवारों ने परचम लहराया। वहीं समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों पर भी क्षेत्र की जनता ने भरोसा जताया। सपा के 12 उम्मीदवारों ने जीत हासिल की। भाजपा की सहयोगी पार्टी अपना दल एस ने भी एक बार फिर अपनी पार्टी का दमखम दिखाया। अद एस के प्रत्याशियों ने चार सीटों पर कब्जा जमाया। बहुजन समाज पार्टी के बैनर पर लड़ने वाले प्रत्याशियों ने छह सीट पर जीत का झंडा गाड़ा। जिला पंचायत के परिणाम ने भाजपा को झटका दिया है। केवल पांच सीटों से पार्टी को संतोष करना पड़ा है। सपा और निर्दलियों की आंधी में कांग्रेस ने तीन, भारतीय किसान यूनियन और महान दल ने भी एक एक सीट पर कब्जा जमाया।
सपा- 12
बसपा- 6
अपना दल (एस) 4
भाजपा 5
कांग्रेस 3
भारतीय किसान यूनियन 1
महान दल-1