मिर्जापुर। फार्मर रजिस्ट्री में विंध्याचल मंडल में सोनभद्र आगे और मिर्जापुर दूसरे नंबर पर है। वहीं, भदोही सबसे निचले पांयदान पर है। तीनों जिलों में 847819 किसान हैं। इनमें से अभी तक सिर्फ 239807 किसानों ने पंजीकरण कराया है। सोमवार को समीक्षा बैठक में संयुक्त कृषि निदेशक डॉ. अशोक कुमार उपाध्याय ने सभी उप कृषि निदेशकों को फार्मर रजिस्ट्री में तेजी लाने का निर्देश दिया है।
विंध्याचल मंडल की समीक्षा बैठक में अधिकारियों ने बताया कि मिर्जापुर में किसानों की संख्या 382792 है। इनमें से 114930 किसानों ने पंजीकरण कराया है, जो लक्ष्य का 30.02 फीसदी है। वहीं, सोनभद्र में 218128 किसान हैं लेकिन अभी तक 68711 ने ही फार्मर रजिस्ट्री कराई है, जो लक्ष्य का 31.50 प्रतिशत है। इसी तरह भदोही मेें 246899 किसानों में से अभी तक 56166 ने पंजीकरण कराया है। यह लक्ष्य का मात्र 22.75 फीसदी है।
सभी जिलों के तहसीलवार आंकड़ों पर गौर करें तो मिर्जापुर तहसील में 153175 किसानों में से 46057 और चुनार में 119082 किसानों में से 36870 ने रजिस्ट्री कराई है। इसी तरह लालगंज तहसील में 84097 किसानों में से 18147 और मड़िहान तहसील में 46438 किसानों में से 13856 ने ही पंजीकरण कराया है।
सोनभद्र जिले की दुद्धी तहसील में 62957 किसानों में 18069, घोरावल में 42824 किसानों में 13494 ने पंजीकरण कराया है। इसी तरह ओबरा तहसील में 33951 किसानों में से 12141 और राबर्ट्सगंज में 78396 किसानों में से 25016 ने ही फार्मर ही रजिस्ट्री कराई है।
भदोही जिले की औराई तहसील में 64256 किसानों में से 17256, भदोही में 81490 किसानों में से 17696 और ज्ञानपुर तहसील में 101153 किसानों में से 21214 की ही फार्मर रजिस्ट्री हुई है।