ड्रमंडगंज चौकी क्षेत्र के भैसोड़ जेर गांव में मां ने शनिवार की भोर अपने एक साल के बेटे को कुएं में फेंक दिया। बालक के रोने की आवाज सुनकर उसके पति ने बेटे को कुएं से निकाला और ड्रमंडगंज स्थित निजी चिकित्सालय ले गया। ससुराल वाले महिला को मानसिक रूप से अस्वस्थ बता रहे हैं जबकि मायके वाले उनकी बात का खंडन करते हैं। दोनों पक्षों को पंचायत के लिए थाने पर बुलाया गया है।
भैसोड़ जेर गांव के राजनारायण राय की शादी नीतू निवासिनी डूढा इलाहाबाद के साथ वर्ष 2012 में हुई थी। शादी के बाद चार वर्ष बाद उसको एक बेटा पैदा हुआ। शुक्रवार की रात नीतू अपने कमरे में बेटे के साथ सोई थी। भोर करीब तीन बजे अचानक उठी और बेटे को दरवाजे पर बने कुएं फेंक दिया। बालक के रोने की आवाज सुनकर महिला के चचेरी सास की नींद खुली गई। उसने बहू से पूछताछ की तो उसने बताया कि अपने बेटे को कुएं में डाल कर आ रही है। उसके बाद राजनारायण रस्सी के सहारे कुएं में उतरा और बालक जैसे ही पानी में ऊपर आया तो उसे उठा लिया।
अचेतावस्था में बालक को ड्रमंडगंज स्थित एक निजी चिकित्सालय ले जाया गया। जहां उसका इलाज चल रहा है। महिला ने ऐसा क्यों किया यह बात अभी राज बना हुआ है। इस मामले में हलिया पुलिस का कहना है कि ससुराल वाले उसे मानसिक रूप से अस्वस्थ बता रहे हैं जबकि मायके वाले ऐसा मानने को तैयार नहीं हैं। ऐसे में दोनों पक्षों को थाने पर बुलाया गया गया है। मामले की पड़ताल के बाद कार्रवाई की जाएगी।