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Mirzapur News: कही पानी के लिए हाहाकार तो कहीं व्यर्थ बह रहा पानी

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मिर्जापुर। गर्मी के तेवर तल्ख होते ही जिले के कई विकास खंडों में पानी का संकट शुरू हो गया है। उचित रखरखाव के अभाव में पेयजल परियोजनाएं व्यर्थ साबित हो रही हैं। कहीं पानी के लिए हाहाकार मचा है तो कहीं व्यर्थ बह रहा है।
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जिले का छानबे विकास खंड सेमी क्रिटिकल जोन में आता है। पहाड़ी व हलिया विकास खंड में भी पानी की समस्या है। सभी जगहों पर पेयजल योजनाएं संचालित हैं लेकिन उचित रखरखाव के अभाव में उनका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिल पा रहा है। पड़री: विकास खंड के दक्षिणांचल में पहाड़ी इलाके में बसे 12 से अधिक ग्राम पंचायतों के ग्रामीण पेयजल के लिए परेशान है। रामबली सिंह, सुरेश भारती, राजेंद्र पाल, सियाराम यादव,राधेश्याम पटेल आदि ने कहा कि इस चिलचिलाती धूप में पशुपालक मवेशियों के पीने के पानी के लिए परेशान हैं। चेक डैम व बंधी में पानी नहीं है। गुरुकुली नदी, वेलवन नदी सहित नालों में पानी तेजी से सूख रहा है। दूबेपुर, मोहनपुर, टोंगा, पथरहां, पड़री, सरैया, पहाड़ी भोजपुर, झिंगुरा आदि गांवों में जलनिगम की पानी की टंकी से पानी मुहैया कराने की व्यवस्था है लेकिन पाइप जगह-जगह फट जाने से पानी की आपूर्ति ठीक से नहीं हो पा रही है। दूषित पानी मिल रहा है। अधिकतर तालाब अतिक्रमण की भेंट चढ़ चुके हैं। क्षेत्र स्थित सीकरी, तोसवां, गहीरा के तालाब में मामूली पानी है, जबकि क्षेत्र स्थित 53 राजकीय तालाब सहित क्षेत्र स्थित चैकडेम, पोखरे व तालाबों में धूल उड़ रही है।
हलिया: विकासखंड के ग्राम पंचायत नदना, पटपरा तथा कुशियरा, बेलाही, सोनगढ़ा तथा राजपुर में आधे मजरे को तो संतृप्त कर दिया गया लेकिन अधिकांश मजरे में अभी हर घर जल नल योजना का पानी नहीं पहुंच रहा है। जहां पानी पहुंच रहा है तो कहीं 10 मिनट कहीं 20 मिनट मिलता है। ऐसी स्थिति में पेयजल की समस्या है। जिगना: विकास खंड छानबे के पहाड़ी इलाके के विजयपुर, कामापुर कला, देवरी, अकोढ़ी, अरगीसरपत्ती, महुआरी खुर्द, बरबटा, चितौली, मछहा आदि गांवों में पानी की समस्या है। हर घर नल योजना का कार्य अधूरा रहने व संचालन सही से न होने के कारण पानी की समस्या है। एडीएम नमामि गंगे देवेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि कुछ समस्या है, उसे दूर किया जा रहा है।
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मनरेगा के तहत होगा जल संरक्षण
मिर्जापुर। जिले में गिरते भूगर्भ जल स्तर को सुधारने के लिए मनरेगा के तहत खेत तालाब योजना व रेन वाटर हार्वेस्टिंग योजना शुरू की गई है। कैच द रेन अभियान के तहत जिले के विकास खंडों में तालाबों की सिल्ट सफाई के कुल 237 कार्य चयनित किए गए हैं। इनमें से 44 पूरे हो गए हैं और 126 कार्य प्रगति पर हैं। खेत तालाब के कुल 205 कार्य चयनित किए गए हैं। इनमें से 30 पूरे हो गए हैं और 64 कार्य प्रगति पर हैं। रेन वाटर हार्वेस्टिंग के कुल 821 कार्य चयनित किए गए। इनमें से 92 पूर्ण हो गए हैं। 336 पर काम चल रहा है। डीसी मनरेगा बब्बन राय ने बताया कि मनरेगा के तहत जल संरक्षण के लिए कार्य कराया जा रहा है। इससे बरसात के पानी का संचय होगा और पानी की समस्या दूर होगी।
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