मिर्जापुर। डेंगू और बुखार के मरीजों की भीड़ उमड़ने के कारण पिछले दो माह से मंडलीय अस्पताल के सभी वार्ड फुल चल रहे हैं। हालत यह है कि बृहस्पतिवार की रात बड़ी तादात में मरीजों के पहुंचने से व्यवस्था चरमरा गई। एक बेड पर दो मरीज भर्ती करना पड़ा। यही नहीं, मरीजों को टेबल पर लिटाकर इलाज किया गया। पिछले दो माह से डेंगू, बुखार, टायफाइड, मलेरिया आदि के मरीजों की संख्या बढ़ी है। इसके लिए अस्पताल में 34 बेड का डेंगू वार्ड और 30 बेड का इमरजेंसी वार्ड बनाया गया। इसके बाद भी मरीजों के लिए बेड कम पड़े। उनको अन्य वार्डो में भेजा गया। अस्पताल में डाक्टर और स्टाफ भी डेंगू के चपेट में आ गए है। बेड खाली न होने पर मरीजों को विंध्याचल सीएचसी भेजा जा रहा, पर वहां भी मरीज भर्ती हो पा रहे। अधिकांश मरीज ग्रामीण क्षेत्र से आ रहे है। जिनका उपचार सीएचसी-पीएचसी पर हो सकता है, पर सीएचसी-पीएचसी के डाक्टर मरीजों को जिले में रेफर कर दे रहे है। जिस कारण यहां पर लोड बढ़ गया है। बृहस्पतिवार की रात को 10 बजे के बाद इमरजेंसी में काफी संख्या में मरीज आ गए। वार्ड में खड़ा होना मुश्किल हो गया था। व्यवस्था संभालने के लिए एसआईसी डाॅ. तरुण सिंह, मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डाॅ. आरबी कमल और सीएमओ डाॅ. सीएल वर्मा पहुंचे। उन्होंने टेबल लगवाकर मरीजों का उपचार कराया। ट्रामा सेंटर से कर्मचारियों को बुलाकर इमरजेंसी में लगाया।