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Mirzapur News: आगरा के पेठे को लज्जत बख्श रहा मिर्जापुर का कोहड़ा

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मिर्जापुर। जिले के कोन ब्लॉक में गंगा की तराई में पैदा होने वाला सफेद कोहड़ा आगरा के पेठे को लजीज बना रहा है। यहां के सफेद कद्दू या रेक्सहवा कोहड़ा की आपूर्ति बिहार, मध्य प्रदेश और दिल्ली समेत कई प्रांतों में की जाती है। ज्यादातर इसका इस्तेमाल पेठा और मिठाइयां बनाने में किया जाता है। यही वजह है कि आगरा के पेठा कारोबारियों के बीच इसकी काफी ज्यादा मांग है। जिले में सफेद कोहड़े का उत्पादन कोन विकास खंड के कई गांवों में किया जाता है। करीब 2000 बीघे में सफेद कोहड़े की खेती की जाती है। विकास खंड के मवैया, जगदीशपुर, पटेहरा, हनुमान नगर, खुलुआ, मुजेहरा, चेकसारी, बल्ली परवा, सारीपट्टी, बासस्थान, हरसिंगपुर मल्लेपुर, सेमरा, श्री पट्टी, दलापट्टी, गड़गेड़ी, कमासिन, रामपुर आदि गांवों में इसकी बहुतायत से खेती की जाती है। एक बीघे में लगभग 40 से 50 हजार रुपये तक का उत्पादन है। सफेद कद्दू से पेठा, चेरी, पान, गरेरी, अंगूरी, लच्छा, बरफी, लड्डू जैसे अनेक खाद्य पदार्थ व मिष्ठान तैयार किए जाते हैं। कोन ब्लॉक से आगरा, कानपुर, गोरखपुर, वाराणसी समेत प्रदेश के कई शहरों के अलावा बिहार, मध्य प्रदेश, दिल्ली में भी सफेद कोहड़े की आपूर्ति की जाती है। प्रतिवर्ष पांच से 10 करोड़ रुपये का सफेद कोहड़ा यहां से दूसरे शहरों में भेजा जाता है। स्थानीय विनोद कुमार सोनकर, संतोष सोनकर, मिट्ठू सोनकर, सोती, बुल्ली, रमेश चन्द्र सोनकर इसके प्रमुख व्यापारी हैं। दूसरे जिलों से व्यापारी यहां आकर कद्दू ले जाते हैं। इस समय सफेद कोहड़ा चार रुपये प्रति किलो के दाम से बिक रहा है।
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