फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

लापता लड़की के सुसाइड नोट मामले में एसआईटी का गठन

विज्ञापन
विज्ञापन
कछवां थाना क्षेत्र के एक गांव से लापता किशोरी का सुसाइड नोट मिलने का मामला सामने आने के बाद बुधवार को दोपहर में पुलिस अधीक्षक ने सीओ सदर के साथ मौके पर पहुंचकर जांच पड़ताल की। पुलिस अधीक्षक ने इस मामले की जांच के लिए एसआईटी का गठन कर दिया है। टीम में महिला निरीक्षक को भी शामिल किया गया है।
विज्ञापन

कछवां थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी नाबालिग लड़की का चार दिन पूर्व भटौली पुल पर सुसाइड नोट मिला था। घर पर मिले सुसाइड नोट में पीड़िता ने भटौली पुल पर दूसरा सुसाइड नोट व अन्य सामान रखने का जिक्र किया था। परिजन पुलिस को लेकर जब भटौली पुल पर पहुंचे तो वहां चुनरी, चप्पल व 50 रुपये व दूसरा सुसाइड नोट मिला। दूसरे सुसाइड नोट में पीड़िता ने गांव के युवकों पर दुष्कर्म करने और पुलिस पर कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था।
सुसाइड नोट में किशोरी ने पुलिस द्वारा आरोपियों पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप लगाते हुए जान देने का जिक्र किया था। परिजनों ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी खोज नहीं की और पकड़े गए आरोपियों को भी छोड़ दिया। इस मामले के तूल पकड़ने पर पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार मिश्रा, सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बुधवार को मौके पर पहुंचकर छानबीन की।
विज्ञापन

पुलिस अधीक्षक ने बताया कि एक सुसाइड नोट मिला था, जिसमें लड़की द्वारा आरोप लगाया गया था। पुल पर जहां सुसाइड नोट मिला था, वहां नदी में एसडीआरएफ और पीएसी की जल पुलिस द्वारा उसकी खोजबीन कराई जा रही है। परिजनों से बात करके पूर्व में जिस मामले में एफआर लग चुका है, उसकी पुन: विवेचना का निर्देश दिया गया है।
उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच के लिए एएसपी सिटी के नेतृत्व में एसआईटी का गठन किया गया है। इसमें एक महिला निरीक्षक और तीन अन्य निरीक्षक शामिल हैं। एसआईटी की रिपोर्ट में किसी भी पुलिसकर्मी की लापरवाही की बात सामने आएगी तो संबंधित के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। प्रयास किया जा रहा है कि लापता किशोरी मिल जाए।
सीओ सदर शैलेंद्र त्रिपाठी ने बताया कि बीते 13 अगस्त को तीन युवकों के खिलाफ दुष्कर्म, पॉक्सो एक्ट और अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। इस मामले में जांच करने पर किशोरी द्वारा लगाए गए आरोप गलत मिले थे। न तो उसके बताए लोकेशन पर कुछ मिला और न ही सीसीटीवी फुटेज आदि में कोई साक्ष्य मिला। इसके बाद इस मामले की जांच कर एफआर (फाइनल रिपोर्ट) लगा दी गई थी।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें