अमर उजाला ब्यूरो
मिर्जापुर। इलाहाबाद न्यायालय परिसर में पुलिस द्वारा अधिवक्ता की गोली मार कर की गई हत्या की जानकारी होने पर मिर्जापुर के अधिवक्ता आक्रोशित हो गए। नाराज अधिवक्ताआें ने सैकड़ाें की संख्या में इकट्ठा होकर कचहरी रोड को जाम कर दिया। इसके बाद डीएम, एसपी कार्यालय पहुंच कर प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की।
कोर्ट में पेशी को लेकर हुए विवाद के बाद बुधवार की सुबह पुलिस कर्मी द्वारा गोली मार कर अधिवक्ता की हत्या किए जाने की खबर लगते ही मिर्जापुर न्यायालय परिसर में मौजूद अधिवक्ता बवाल करने लगे। कामकाज ठप कर न्यायालय परिसर से बाहर निकल कर सड़क पर आ गए और कचहरी रोड को जाम कर दिया। करीब एक घंटे तक सड़क जाम करने से दोनाें ओर वाहनाें की लंबी कतार लग गई। आक्रोशित अधिवक्ता जिलाधिकारी राजेश कुमार सिंह के कार्यालय पहुंचे लेकिन वहां डीएम नहीं मिले। इसके बाद एसपी कार्यालय पहुंचे तो पुलिस अधीक्षक दिनेश चंद्र के डीआईजी की बैठक में जाने की बात बताई गई। दोनों अधिकारियों के नहीं मिलने पर अधिवक्ता और नाराज हो गए और जिला एवं पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोबारा सड़क पर पहुंचे। अधिवक्ता आरोपी दरोगा को तत्काल गिरफ्तार करने की मांग कर रहे थे। विदित हो कि अधिवक्ता न्यायालय परिसर में सुरक्षा की मांग प्रशासन से करते आ रहे हैं, लेकिन प्रशासन ने आज तक ध्यान नहीं दिया। नतीजा आए दिन ऐसी घटनाओं के रूप में देखने को मिल रही है। अधिवक्ताओं की अगुवाई पूर्व अध्यक्ष कृष्णमोहन त्रिपाठी ने किया। इस दौरान विमला शंकर दूबे, सुरेश त्रिपाठी, दिनेश कुमार श्रीवास्तव, अशोक पांडेय, राहुल त्रिपाठी, संजय सिंह, पुष्पराज, संतोष तिवारी, कोमल बिंद, चंद्रबली सिंह, अनिल गौतम, रविंद्र बहादुर, रूद्र गोस्वामी, विजय कुमार, संतोष तिवारी, रविशंकर तिवारी, महेंद्र दूबे, राजेश गुप्ता, कमलेश यादव, जयशंकर श्रीवास्तव, मधुकर मिश्र सहित सैकड़ाें की संख्या में अधिवक्ता मौजूद रहे।