मिर्जापुर। गंगा की सहायक नदियों में शामिल लोहंदी नदी का एक करोड़ 10 लाख रुपये खर्च कर जीर्णोद्धार कराया जाएगा। सिटी विकास खंड के भोकवा नाले से निकले लगभग 12 किमी लंबी इस नदी के जीर्णोद्धार के काम में 90 लाख रुपये मनरेगा के तहत खर्च किए जाएंगे। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने मंगलवार को लोहंदी नदी व आसपास के गांवों का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को साफ-सफाई कराकर जीर्णोद्धार कराने का निर्देश दिया।
जिलाधिकारी सबसे पहले चंदईपुर गांव में नदी के किनारे पहुंचीं। यहां उन्होंने लोहंदी नदी के वित्तीय वर्ष 2022-23 में कराए गए जीर्णोद्धार के कार्यों का अवलोकन किया। उन्होंने खंड विकास अधिकारी को नदी की लंबाई, चौड़ाई और गहराई के हिसाब से जहां पानी नहीं है, वहां सफाई कराने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी ने कहा कि मार्च में नदी की सफाई का काम कराना संभव नहीं है, इसलिए फरवरी और अप्रैल में काम कराएं। वहां से लौटते समय जिलाधिकारी की नजर सड़क के किनारे एक पुलिया से निकले नाले पर पड़ी। उन्होंने मुख्य विकास अधिकारी से कटान रोकने के लिए नाले में ह्यूम पाइप डालकर नदी की सफाई के दौरान उसे मिट्टी से पटवाने का निर्देश दिया। जिलाधिकारी का कहना था कि इससे जहां सड़कों का कटान नहीं होगा, वहीं आसानी से पानी भी नदी में एकत्र होगा। इसी तरह जिलाधिकारी सिरसी गहरवार, नकहरा, सिरसी बघेल और बरकछा खुर्द का निरीक्षण कर खंड विकास अधिकारी को जरूरी दिशानिर्देश दिया। इस दौरान सीडीओ विशाल कुमार, बीडीओ शरद कुमार सिंह, एडीओ पंचायत केके सिंह, राजाराम निर्मल, अंकित कुमार तिवारी आदि मौजूद रहे।