संतुष्टि आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज
- फोटो : सोशल मीडिया
संतुष्टि मेडिकल कालेज में 2018-19 में परीक्षा देर से होने और ज्यादा फीस लेने का आरोप लगाते हुए छात्रों ने हंगामा किया था। इस वर्ष विश्वविद्यालय ने परीक्षा कराने से इंकार कर दिया था। छात्रों ने मेडिकल कालेज प्रशासन पर परीक्षा न कराने और ज्यादा फीस लेने को लेकर हंगामा किया था। बवाल बढ़ने पर चार थानों की पुलिस बुलाई गई थी। जिसके बाद परीक्षा कराई गई।
इसके अलावा हास्टल में पेयजल व अन्य व्यवस्था को लेकर भी हंगामा होता रहता था। कालेज के प्रशासनिक अधिकारी बृजेश कुमार मिश्रा ने बताया कि इस वर्ष हाईकोर्ट के अंतरिम आदेश पर दाखिला लिया गया था। यूनिवर्सिटी ने देर के चलते परीक्षा नहीं करा रही थी। जिसके बाद कालेज की तरफ से परीक्षा कराई गई थी।
डगमगपुर हिनौती में वर्ष 2014 में संतुष्टि मेडिकल कालेज भवन का निर्माण शुरू हुआ था। इसके लिए 26 बीघा जमीन खरीदी गई थी। ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि ज्यादा जमीन कब्जा किया जा रहा है। बाद में किसी तरह मामला शांत हुआ था। अभी भी कुछ स्थान को लेकर विवाद चल रहा है। इसको लेकर कई बार कालेज की निदेशक और उनके पति यहां प्रशासनिक अधिकारियों से मिले।
नवंबर माह में जब कालेज में संदिग्ध दाखिला मिलने पर 76 बच्चो को निलंबित किया गया था, तब छात्रों ने खूब हंगामा किया था। छात्रों को कहना था कि उनको निलंबित किया गया है तो उनकी फीस और उनके अभिलेख वापस किया जाएं। हंगामा को देखते हुए एसडीएम सदर चंद्रभान सिंह फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे थे। छात्रों को समझाकर मामला शांत कराया था।
आयुष कालेज में दाखिले में अनियमितता के मामले में कोर्ट के आदेश के बाद एसटीएफ ने संतुष्टि आयुर्वेदिक मेडिकल कालेज एंड हास्पिटल की डायरेक्टर डॉ. ऋतु गर्ग को जेल भेज दिया। डायरेक्टर के जेल जाने के बाद कालेज परिसर में सन्नाटा है। बीएचयू से जांच टीम आने के चलते कुछ देर हलचल रही। उसके बाद फिर सन्नाटा पसर गया। इस समय कालेज में 2017-18 बैच के 22 छात्र और 45 छात्राएं, 2018-19 बैच के 20 छात्र और 22 छात्राएं, 2019-20 बैच के 35 छात्र और 38 छात्राएं मौजूद हैं। इसके अलावा 2021-22 बैच के 24 में से 12 छात्र मौजूद हैं। बाकी छुट्टी पर हैं।
पूरे प्रदेेश में फर्जी दाखिला की जांच में मिर्जापुर के दो कालेज शामिल रहे। इसमें संतुष्टि में 2021-22 में 100 में से 76 और चुनार स्थित एपेक्स इंस्टीट्यूट आफ आयुर्वेदिक कालेज समसपुर में 74 में 18 लोगों को फर्जी प्रवेश मामले में निलंबित कर दिया गया। निलंबित किए जाने के बाद कालेज प्रशासन ने छात्रों से हास्टल खाली करा लिया।