गणेश महोत्सव के चौथे दिन रविवार को भव्य पंडाल में विराजमान सिद्धि विनायक के भव्य स्वरूप का दर्शन कर श्रद्धालु निहाल हो उठे। फूल-पत्तियों सहित विद्युत की रोशनी से की गई सजावट की छटा देखते ही बन रही थी।
घंटा-घड़ियाल, शंख और गणेश भगवान के जयकारे से पूरा पंडाल भक्तिमय हो रहा था। पंडाल में जहां एक ओर देर रात तक दर्शन-पूजन का दौर चलता रहा, वहीं मधुर भजनों से वातावरण भक्तिमय हो रहा था।
विभिन्न पूजन समितियों की तरफ से नगर क्षेत्र में स्थापित किए गए भव्य पंडालों में विराजामान गणपति बप्पा का दर्शन करने को श्रद्धालुओं का तांता लगा रहा।
सुबह और सांयकाल भव्य पंडालों में पूजन समिति के पदाधिकारियों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार बीच भगवान गणेश जी का पूजन-अर्चन एवं भव्य आरती किया गया।
तत्पश्चात् सिद्धि विनायक का कपाट दर्शनार्थियों के लिए खोल दिया गया। भव्य पंडाल परिसर में बज रहे मधुर भजनों की धुन से पूरा वातावरण भक्तिमय हो रहा था।
पंडाल में पहुंचे भक्तों ने बड़े ही श्रद्धाभाव से भगवान गणेश का पूजन-अर्चन कर मंगलकामना की। भव्य पंडाल में विराजमान सिद्धि विनायक जी का दर्शन-पूजन करने के लिए देर रात तक भक्तजन डटे रहे।
नगर के धुंधी कटरा में बांबे श्री गणेश सेवा समिति की तरफ से स्थापित किए गए भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा की छटा देखते ही बन रही थी। जगमग बिजली की रोशनी से पूरा इलाका जगमगा रहा था।