फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: वैभव का त्याग कर ज्ञान की खोज में निकले थे सिद्धार्थ

विज्ञापन
विज्ञापन
मिर्जापुर। बुद्ध पूर्णिमा पर शुक्रवार को जगह-जगह महात्मा बुद्ध का जन्मोत्सव मनाया गया। इस मौके पर उनके त्याग और तपस्या पर चर्चा करने के साथ सिद्धार्थ से महात्मा बुद्ध बनने तक के सफर पर चर्चा हुई। मुंहकुचवा स्थित लार्ड बुद्ध इंटरनेशनल स्कूल में महात्मा बुद्ध का जन्मोत्सव मना। संस्था के प्रबंधक इं. केसी मौर्य ने कहा कि भगवान बुद्ध का जन्म लुंबनी में 563 ईसा पूर्व इक्ष्वाकु क्षत्रिय कुल के राजा शुद्धोदन के घर हुआ था। उनका बचपन का नाम सिद्धार्थ था। शादी के बाद सिद्धार्थ ने अपने नवजात शिशु और पत्नी का त्याग कर दिया। संसार को दु:खों से मुक्ति दिलाने के लिए दिव्य ज्ञान की खोज में निकल पड़े। वर्षो कठोर तपस्या के बाद बोध गया में उन्हें ज्ञान की प्राप्ति हुई। कार्यक्रम में कृति गुप्ता, अंकित, वर्षा सैनी, येनम अंसारी, नीलम मौर्य, नेहा मौर्य आदि रहे। कलवारी, बेदौली में महामानव बुद्ध समिति की ओर से महात्मा बुद्ध का जन्मोत्सव धूमधाम से मनाया गया। जन्मोत्सव पर धम्म निवेश बंधुओं की ओर से बुद्ध वंदना के साथ ही बुद्ध चरित्र चंद्रोदय का पाठ किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता रणजीत मौर्य एवं संचालन समिति के संस्थापक संबोधन कुशवाहा ने किया। इस अवसर पर रामलव लिन, रामानुज, संतोष, अवधेश, मनोज, कालीचरण सिंह, बल्ली यादव, राजेंद्र प्रजापति आदि रहे।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें