मिर्जापुर। कोरोना कर्फ्यू के बीच पड़ रहे ईद को लेकर सोमवार को विभिन्न बाजारों सेवईयों की दुकानें सजीं रहीं। ग्राहकी न होने से दुकानदार मायूस दिखे। त्योहार में अभी दो दिन समय बचा हुआ है जिससे ग्राहकी की उम्मीदें बंधी हुई है। कोरोनाकाल में समय के पाबंदी के चलते दुकानदारी पर भी खास असर पड़ रहा है।
नगर के वासलीगंज, लालडिग्गी, इमामबाड़ा, रामबाग, संगमोहल समेत अन्य बाजारों में अलग-अलग किस्म की सेवईयों के साथ ही खजुर के दुकान सजाए गए हैं। दुकानों पर किमामी सेवई 70 से 80, शर्बती सेवई 50 से 70, दूधफेनी लच्छेदार सेवई (मोटा-महीन) 80 से 120, भूजी सेवईं 80 से 100 व खजुर 80 रुपये से लेकर 600 रुपये प्रति किलोग्राम की दर से बेचे जा रहे हैं। त्योहार नजदीक आ गया है। अपेक्षा के अनुरुप दुकानदारी न होने से दुकानदार भी मायूस नजर आ रहे हैं।
इनसेट
-कोरोना कर्फ्यू के चलते दुकानदारी पर इसका सीधा असर पर पड़ रहा है। दुकान तो खुले हुए हैं लेकिन कोरोनाकाल के चलते ग्राहक नहीं दिखाई दे रहे हैं।-सलीम, दुकानदार।
-लॉकडाउन के चलते सभी तरह की दुकानदारी प्रभावित हो रहे हैं। आगे क्या होगा लोग इस चिंता में लगे हुए हैं। यदि किसी के पास पैसा है तो वह खर्च के बजाय बचाकर रखने में भलाई समझ रहा।-शाहिद
-कोरोनाकाल में वैसे ही लोग एक दूसरे से दूरी बनाए हुए हैं। महामारी के चलते हर त्योहार फीका जा रहा है। दुकानदार परेशान हैं।-खलील।
-पिछली बार से इस बार बाजार काफी मंदा जा रहा है। सेवईयों से दुकानें तो सजे हुए हैं लेकिन सड़क पर आदमी ही नहीं दिख रहे हैं।-अंकज सिंह, दुकानदार।
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