जिगना। कश्मीर के बारामुला में आतंकी मुठभेड़ में शहीद हुए गौरा के लाल अमर शहीद रवि कुमार सिंह के घर पर शुक्रवार को भी लोग शोक जताने पहुंचे। लोगों ने परिजनों से बात कर ढांढस बंधाया और कहाकि उनके पुत्र ने गांव और जिले का नाम रोशन किया है। पांचवें दिन शुक्रवार को घर में चुल्हा जला। गुरुवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गौरा पहुंचा था। जिसके बाद उनको सैनिक सम्मान के साथ अंतिम विदाई दी गई।
पांच दिन पूर्व कश्मीर के बारामुला में आतंकियों से मुठभेड़ के दौरान छानबे के गौरा गांव निवासी रवि कुमार सिंह शहीद हो गया था। तीन दिन इंतजार के बाद गुरुवार को शहीद का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गौरा लाया गया। जहां उनका अंतिम दर्शन करने के लिए हजारों लोगों की भीड़ उमड़ पड़ी थी। सैन्य सम्मान के साथ शहीद रवि की अंत्येष्टि किया गया। इस दौरान मंत्री से लेकर अधिकारी और आस-पास के गांव से हजारों लोग गौरा के लाल को अंतिम विदाई देने के लिए गौरा के रामलीला मैदान पहुंचे थे। अमर शहीद रवि कुमार सिंह के परिवार में पांचवें दिन चूल्हा जला। दुधमुही कार्यक्रम के दौरान परिजनों ने गमजदा मन से अन्न ग्रहण किया। पड़ोसियों ने बताया कि सोमवार की शाम को ही शहीद होने की खबर आने लगी। तभी परिवार के लोगों की भूख प्यास खत्म हो गई थी, रात की नींद भी गायब हो गई थी। पास पड़ोस में भी दो दिन तक चूल्हा नहीं जला था। शुक्रवार को भी परिवार को ढांढस बंधाने व शोक व्यक्त करने वालों का तांता लगा रहा। लोगों ने माता-पिता से मिलकर देश की खातिर बलिदान देने वाले वीर सपूत को नमन किया। कहाकि गौरा के लाल ने न सिर्फ माता-पिता परिवार बल्कि गांव देश का भी नाम रोशन किया है। इस अवसर पर राष्ट्रीय स्वयं संघ के क्षेत्रीय प्रचार अनिल कुमार, सोहन लाल श्रीमाली, अंगराज सिंह, अनुराग सिंह, संतोष कुमार, रमेश सिंह, इंद्र कुमार सिंह पहुंचे।