कछवां के सेमरी गांव में मां और दो बच्चों के मौत मामले में रोते परजन। स्रोत- संवाद
हरिश्चंद्र बिंद ने बताया कि पांच वर्ष पहले उसने संगीता से प्रेम विवाह किया था। उसकी पत्नी मोबाइल में ज्यादातर आचार्य प्रशांत का वीडियो देखती थी। कहती थी कि वह साड़ी नहीं पहनेगी सूट पहनेगी।
भूत-प्रेत के चक्कर में उसे लेकर अक्सर आजमगढ़ एक ओझा के पास जाता था। वहां पर कमरा लेकर एक-एक महीना रुकता था। झाड़-फूंक करता था। मांग में सिंदुर नहीं पहनती थी। मानसिक रुप से अस्वस्थ रहती थी। हरिश्चंद्र दो भाइयों में बड़ा था। परिवार से अलग रहता था। छोटा चील्ह थाना क्षेत्र के चेतगंज रहता था।
माता-पिता भी अलग रहते थे। कमरे में शव मिला तो हरिश्चंद्र का बड़ा पुत्र शिवांश कपड़ा नहीं पहना था। छोटा पुत्र कपड़ा पहना था।
बीमार बताकर पत्नी साथ नहीं गई बाजार
हरिश्चंद्र सुबह 10 बजे बाजार के लिए निकला तो उसने पत्नी को साथ चलने के लिए कहा। अक्सर पत्नी उसके साथ बाजार सामान लेेने जाती थी। पत्नी संगीता ने बताया कि वह बीमार है। इसलिए नहीं जाएगी। इसके बाद हरिश्चंद्र अकेले बाजार गया। शाम को सब्जी और अन्य राशन का सामान लेकर घर लौटा था। हरिश्चंद्र बिंद दो दलित परिवार में मारपीट के बाद मामला थाने पहुंचा था। वहां पर उसने दोपहर में घंटो पंचायत कर समझौता कराया। इसके बाद सामान लेकर घर निकला।