कंतित शरीफ के सालाना उर्स पर मजार पर जियारत करने पहुंची महिलाएं।
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ख्वाजा इस्माईल चिश्ती रहमतुल्लाह अलैह के सालाना उर्स के पहले दिन मजार पर जियारत करने जायरीनों का तांता लगा रहा। मजार पर सुबह से चादरपोशी करने का शुरू हुआ सिलसिला देर रात तक अनवरत चलता रहा। मजार पर जहां एक ओर बच्चे कुरान शरीफ पढ़ते नजर आए, वहीं दूसरी ओर चादरपोशी कर मन्नतें मांगने का दौर चलता रहा। उर्स मुबारक के मौके पर लगे विशाल मेले में भ्रमण कर जायरीन ने लुत्फ उठाया।
कंतित शरीफ के उर्स के मौके पर पहले दिन जनपद और पूर्वांचल के कई जिलों से जायरीन जियारत करने पहुंचे थे। कोई बस से कोई ट्रेन से तो कोई अपने निजी संसाधन से कंतित शरीफ के दरबार में पहुंचे। मजार पर पहुंचने के बाद जायरीन ने चादरपोशी कर मन्नतें मांगी।
मजार परिसर में लगी दूकानों से जायरीनों ने सिन्नी व चादर लेने के बाद कंतित शरीफ के दरबार में पहुंच कर जियारत कर चादरपोशी की। मजार पर चादरपोशी कर मन्नतें मांगने के बाद जायरीनों ने मेले में भ्रमण कर अपनी-अपनी जरूरत की वस्तुओं की खूब खरीदारी की। मेले में लगे तरह-तरह के झूलों पर झूल कर बच्चे खुशी से उछल रहे थे, वहीं बड़े खानपान की दूकानों पर पहुंच कर लजीज व्यंजनों का लुत्फ उठाया।