ठंड में कलेक्ट्रेट पर बैठीं महिलाएं ।
विगत एक सप्ताह से निरंतर पड़ रहे घने कोहरे संग गलन व ठिठुरन ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। हाड़कंपाती सर्दी से पूरे दिन लोग कड़ाके की ठंड से कंपकपाते रहे। आसमान में पूरे दिन बादल छाए होने से वातावरण में नमी के चलते तापमान लुढ़क गया। बुधवार को नगरीय इलाकों सहित जिले के ग्रामीण अंचलों में सर्द हवाओं के झाेंकों एवं गलन-ठिठुरन से लोग ठिठुरते नजर आए।
बता दें कि जम्मू एवं कश्मीर में पश्चिमी विक्षोभ के सक्रिय होने से तथा अरब सागर व बंगाल की खाड़ी में नमी के साथ शुष्क हवाएं बहने से अचानक मौसम में बदलाव आया है, जिससे पड़ रही कड़ाके की ठंड व कोहरे से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। बुधवार को मौसम का मिजाज देख जहां प्रात:काल बच्चे ऊलेन कपड़े पहनने के बावजूद भी ठिठुरते हुए अपने-अपने स्कूल पहुंचे, वहीं सरकारी व गैर सरकारी दफ्तराें में लोग विलंब से पहुंचे।
सुबह से शाम तक पूरा जिला कोहरे की चपेट में रहा। पूरे दिन भगवान भास्कर के दर्शन नहीं देने से अधिकांश लोग अपने-अपने घराें में ही कैद रहे। नगर सहित जिले के ग्रामीण अंचलों में जगह-जगह लोग अपने व्यवस्था से अलाव जलवा कर तापते नजर आए। नगर के प्रमुख बाजाराें में स्थित ऊलेन परिधानाें सहित कंबल व रजाई की दूकानों पर ग्राहक खरीदारी करने को डटे रहे, वहीं ठंड से बचने के लिए लोग जलावनी लकड़ी, कोयले व बुरादा आदि की भी खरीदारी करते नजर आए।
सुबह से लेकर सांयकाल तक कोहरे के नहीं छंटने से सर्द हवाओं के झोकों व गलन से लोग ठिठुरते रहे। घरों से जरूरी कार्यवश बाहर निकले लोग अपने पूरे शरीर पर गर्म कपड़ाें को धारण करके ही निकले, बावजूद इसके गलन-ठिठुरन से लोगाें का हाल बेहाल रहा। मौसम विभाग की माने तो अभी अगले दो दिन तक न केवल दिन के तापमान में गिरावट आएगी, बल्कि कहीं-कहीं बारिश भी हो सकती है। विभाग द्वारा मौसम ऐसा ही रहने का अनुमान व्यक्त किया जा रहा है।