मिर्जापुर। रेलवे स्टेशन मिर्जापुर पर ताप्ती गंगा एक्सप्रेस से मध्य प्रदेश स्थित फैक्टरी एवं ईंट-भट्ठों पर कार्य कराने के लिए ले जाए जा रहे सात नाबालिगों को आरपीएफ ने मुक्त कराया। दो तस्करों सरोज कुमार और मिथुन कुमार को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ मानव तस्करी के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। बरामद नाबालिकों की उम्र 13 से 17 वर्ष के बीच के हैं। उनके परिजनों को सूचना देकर चाइल्ड लाइन को सौंपा गया। आरपीएफ प्रभारी चमन सिंह तोमर ने बताया कि शुक्रवार की रात को बाल श्रम के लिए बच्चों की तस्करी की सूचना पर पं. दीनदयाल उपाध्याय जंक्शन से मिर्जापुर स्टेशन तक संयुक्त रूप से चेकिंग अभियान चलाया गया।मिर्जापुर स्टेशन पर गाड़ी संख्या 22948 ताप्ती गंगा पहुंचने पर चेकिंग की गई। जनरल कोच में सात नाबालिग बच्चों को दो संदिग्ध व्यक्तियों के साथ डरे-सहमे अवस्था में देखा गया। संदेह होने पर पूछताछ की गई। पूछताछ में नाबालिगों ने बताया कि उन्हें सूजी-मैदा पैकिंग फैक्ट्री व ईंट-भट्ठे पर कार्य कराने के उद्देश्य से बाहर मध्य प्रदेश ले जाया जा रहा था। उनके परिजनों को धनराशि का प्रलोभन देकर, टिकट व खर्च का प्रबंध कराकर ले जाया जा रहा था। पूछताछ व परिस्थितियों के आधार पर मामला बालश्रम व मानव तस्करी का पाया गया। सभी नाबालिग बिहार के अररिया निवासी हैं। आरोपी सरोज कुमार ऋषिदेव निवासी ग्राम गुडहा थाना नरपतगंज जिला अररिया बिहार व मिथुन कुमार ग्राम भवानीपुर थाना बरारी जिला कटिहार बिहार के खिलाफ मानव तस्करी के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई की गई। सातों नाबालिगों के परिजनों को सूचना देकर रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क को सौंपा गया।