फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

Mirzapur News: रक्तकेंद्र में एसडीपी मशीन का शुरू हो गया संचालन

विज्ञापन
रक्तकेंद्र मं एसडीपी दान करते कृष्णानंद से बाद कते प्राचार्य डा1 संजीव सिंह ।स्रोत- संवाद
विज्ञापन
मिर्जापुर। मंडलीय अस्पताल के रक्त केंद्र में सोमवार को एसडीपी मशीन का संचालन शुरू हो गया। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. संजीव कुमार सिंह ने किया। इसके बाद विंध्य फाउंडेशन ट्रस्ट के अध्यक्ष कृष्णानंद हैहयवंशी ने एसडीपी दान कर मशीन का संचालन शुरू किया। जो मंडल की छठवां एसडीपी मशीन है।
विज्ञापन

मंडलीय अस्पताल में एसडीपी मशीन दो वर्ष पहले आ गई थी। पहले लाइसेंस की प्रक्रिया पूरी न होने से मशीन का संचालन अटका रहा। किसी तरह से लाइसेंस प्रक्रिया पूरी हुई। इसके बाद भी मशीन का संचालन नहीं हो रहा था। अमर उजाला ने 22 सितंबर के अंक में पेज चार पर दो साल पहले आई एसडीपी मशीन, अभी तक संचालन शुरु नहीं शीर्षक से खबर छपा। इसका असर रहा कि सोमवार को एसडीपी मशीन का शुभारंभ कर दिया गया।
मेडिकल कालेज के प्राचार्य डा. संजीव सिंह ने बताया कि एसडीपी मशीन को एफेरेसिस मशीन या सेल सेपरेटर मशीन कहा जाता है। जिसका उपयोग रक्तदाता के ब्लड से प्लेटलेट्स को निकालने के लिए की जाती है। बाकी रक्त घटक उसी दाता के शरीर में वापस कर दिए जाते हैं। इस प्रक्रिया से प्राप्त प्लेटलेट्स को सिंगल डोनर प्लेटलेट्स (एसडीपी) कहा जाता है। रक्तकेंद्र प्रभारी डॉ. राजन कुमार ने बताया कि एसडीपी के लिए आठ हजार रुपये शुल्क निर्धारित किया गया है। एसडीपी दाता कृष्णानन्द हैहयवंशी ने बताया कि उनकी संस्था वाराणसी होमी भाभा कैंसर हॉस्पिटल वाराणसी में हर माह दो बार एसडीपी कैंप लगाती है।
विज्ञापन



15 पॉइंट हिमोग्लोबिन वालों की बनाए सूची, होगा रिसर्च
मिर्जापुर। रक्तदान केंद्र में एसडीपी दान करते समय प्राचार्य डा. संजीव सिंह ने दाता कृष्णानंद से हिमोग्लोबिन के बारे में पूछा तो बताया कि हिमोग्लोबिन 15 है। इस पर प्राचार्य ने कहा कि यह तो बहुत अच्छा है। इस तरह के जितने डोनर है। उनकी सूची बनाई जाए। उन पर रिसर्च किया जाएगा।
विज्ञापन
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें