मनरेगा घोटाले की जांच करने पहुंची सीबीआई टीम बुधवार को कुओं की तलाश में परसिया कला में घूमती रही। कुआं खोदने वाले श्रमिकों से बातकर हकीकत जानी। इलाहाबाद बैंक, ड्रमंडगंज, ब्लॉक में दस्तावेजों की पड़ताल की।
सीबीआई टीम डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव के नेतृत्व मंगलवार को पहुंची। दल के सदस्यो ने बुधवार को दूसरे दिन ड्रमंडगंज स्थित इलाहाबाद बैंक में मनरेगा के कार्याें के भुगतान से संबंधित कागजात देखे। इसके बाद ब्लॉक मुख्यालय में वर्ष 2007 से 2010 के बीच बने दिघुली से चौदहवां मार्ग के निर्माण से संबंधित जॉब कार्ड और मस्टररोल का मुआयना किया। संबंधित पंचायत मित्र से जॉब कार्ड रजिस्टर की कॉपी ली। इसके बाद ब्लॉक मुख्यालय पर संबंधित कार्य के जॉब कार्डों का बैंक स्टेटमेंट से मिलान किया।
उसके बाद दल के सदस्य परसिया कला गांव पहुंचे। वहां करीब तीन लाख 75 हजार से कूप बनवाया गया था। उन्होंने उसका निरीक्षण किया। उसके बारे में कूप निर्माण में काम करने वाले श्रमिकों का बयान दर्ज किया। उनके जॉबकार्ड देखे और उनका बैंक से सत्यापन कर भुगतान के बारे में जानकारी ली।
डिप्टी एसपी प्रशांत कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2007 से 10 के बीच मनरेगा के कार्यों में गोलमाल की शिकायत मिली थीं। सि दौरान कराए गए 71 कार्यों की जंाच की जा रही है। सभी स्थलीय सत्यापन हो गया है। जॉब कार्ड और भुगतान की जांच की जा रही है। जल्द ही जांच पूरी कर रिपोर्ट सौंप दी जाएगी। इस दौरान सीबीआई के संतोष कुमार यादव, रमेश कुमार के अलावा ब्लाक के तमाम कर्मचारी उनके साथ रहे। बृहस्पति वार को भी टीम जांच करेगी।