सीखड़। चुनार कोतवाली क्षेत्र के तम्मनपट्टी गांव में सोमवार की सुबह जमीन कब्जे के विरोध करने के दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से झुलसी महिला की मंगलवार की सुबह ट्रामा सेंटर में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला की मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस व पीएसी फोर्स की तैनाती कर दी गई है। घटना के बाद से परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त है। कोरोना जांच रिपोर्ट आने तक शव ट्रामा सेंटर के मोर्चरी में पड़ा है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया।
ईश्वरपट्टी गांव निवासी छोटेलाल भारती ने 28 वर्ष पहले मिश्रपुरा निवासी अछैवर सिंह से कछवां-चुनार मार्ग पर एक बिस्वा जमीन का बैनाम कराया था। जमीन को लेकर मेड़िया गांव निवासी जय कृष्ण से विवाद चल रहा था। 25 दिन पहले जमीन की पैमाईश भी कराई गई थी। रविवार को जमीन पर जय कृष्ण पक्ष के लोग पहुंच कर नींच की खोदाई करने लगे। इस पर दोनों पक्षों में विवाद हो गया। इस दौरान संदिग्ध परिस्थितियों में आग लगने से छोटेलाल की पत्नी 45 वर्षीय मीना देवी झुलसने लगी। उसे बचाने में उनका पुत्र 15 वर्षीय अंकित भी झुलस गया। किसी तरह से आग बुझा कर दोनों को सीएचसी ले जाया गया। दोनों को ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया था।
घटना के बाद डीएम और एसपी मौके पर पहुंचे। एसपी डा. धर्मवीर सिंह के निर्देश पर चुनार कोतवाली में पुलिस ने विपक्षी नवीन कुमार, मनोज कुमार सिंह व जय सिंह पुत्र मानसिंह समेत अन्य के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया। मंगलवार की सुबह उपचार के दौरान मौत हो गई। मौत होने पर परिजनों और ग्रामीणों में आक्रोश व्याप्त हो गया। महिला का कोरोना जांच के कारण शव घर का पोस्टमार्टम नहीं हो सका। शव ट्रामा सेंटर वाराणसी के मोर्चरी में रखा है। महिला के पुत्र की भी हालत गंभीर बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसडीएम चुनार सुरेंद्र बहादुर और सीओ चुुनार सुशील कुमार यादव, चुनार कोतवाली पुलिस, पीएसी समेत अन्य थानो की फोर्स के साथ गांव में डंटे रहे।थानाध्यक्ष राजीव मिश्रा ने बताया कि एक आरोपी मनोज कुमार सिंह को जमुई तिराहा के पास से गिरफ्तार कर लिया गया है।
गांव छावनी में तब्दील, पुलिस व पीएसी तैनात
सीखड़। तम्मपनट्टी गांव में तो वैसे सोमवार से ही पुलिस तैनात है, पर महिला की मौत होने के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में पुलिस फोर्स के साथ पीएसी की तैनाती कर दी गई। गांव में चुनार कोतवाली पुलिस के साथ पड़री थानाध्यक्ष मंजय सिंह, जमालपुर थानाध्यक्ष अश्वनी त्रिपाठी, कछवां थानाध्यक्ष मनोज कुमार सिंह फोर्स के साथ डटे रहे। पुलिस के साथ एक प्लाटून पीएसी भी तैनात रही। कोरोना रिपोर्ट आने के बाद बुधवार को शव गांव में पहुंच सकता है। ऐसे में पुलिस प्रशासन सतर्क है।
जमीन कब्जा, मुआवजा और गिरफ्तारी की है मांग
सीखड़। जमीनी विवाद में महिला की मौत के बाद प्रशासन परिवार से वार्ता कर रहा है। परिवार के लोग वाराणसी में ही है पर प्रधानपति से प्रशासनिक अधिकारियों से वार्ता हुई। इसमें प्रधानपति ने बताया कि परिजन चाहते है कि जमीन पर उनका कब्जा हो। मुआवजा दिया जाए और आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया जाए।
राजस्वकर्मियों की लापरवाही से बढ़ रहा जमीन का विवाद
मिर्जापुर। राजस्वकर्मियों की लापरवाही से जिले भर में जमीनी विवाद बढ़ रहा है। चुनार कोतवाली क्षेत्र के तम्मनपट्टी गांव में जमीनी विवाद में आग लगने से महिला और उसके पुत्र के झुलसने का कारण भी एक तरह से राजस्वकर्मी ही है। जमीनी विवाद काफी पुराना चल रहा है। इसके बाद भी मामले का हल नहीं निकल सका था। 25 दिन पूर्व पैमाइश होने के बाद भी मामला अटका था। बताया जा रहा है कि पक्की पैमाइश होना बाकी है। दरअसल जमीन के मामलों में विवाद होने पर लोग थाने में एक-दूसरे के खिलाफ तहरीर देते है, पर मामला जमीन का जुड़ा होने के कारण पुलिस ज्यादा कुछ कर नहीं पाती।
उसका काम यथा स्थिति बनाए रखते हुए विवाद न हो इस पर ध्यान रखना है। इस बीच जमीनी विवाद में परेशान व्यक्ति राजस्वकर्मियों का चक्कर काटता रहता है, पर उनकी सुनवाई नहीं होती। इस दौरान ही विवाद बढ़ने पर घटना बड़ा रूप ले लेती है। पिछले वर्ष सोनभद्र का उभ्भा कांड भी इसका जीता जागता उदाहरण है। जिसमें कईयों की जान गई थी, इसके बाद भी जमीनी विवाद निस्तारण प्रक्रिया में ढिलाई बरती जा रही है। मिर्जापुर जिले में जमीनी विवाद के कई ऐसे मामले है तो राजस्वकर्मियों की ढिलाई के चलते लंबित है। मामलों का निस्तारण न होने से विवाद होता है। यही विवाद कभी-कभी बड़ा रूप ले लेता है।
महिला की मौत के बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए गांव में फोर्स की तैनाती की गई है। गांव में स्थिति सामान्य है। मुकदमा दर्ज होने के बाद एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। परिजनों से वार्ता की जा रही है। - सुशील कुमार यादव, सीओ चुनार