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स्कूल वैन जली, बाल बाल बचे बच्चे

Thu, 14 Sep 2017 12:43 AM IST
mirzapur news
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जली वैन
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 मिर्जापुर-वाराणसी मार्ग पर देवरी मोड़ के पास बुधवार की सुबह नौ बजे एक निजी स्कूल के वैन में  शार्टसर्किट से आग लग गई। देखते ही देखते गाड़ी जल कर नष्ट हो गई। ग्रामीणों और ड्राइवर की सूझबूझ से बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। उन्होंने स्कूल प्रबंधन और अभिभावकों को सूचना देकर बच्चों को सौंप दिया।
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 देहात कोतवाली क्षेत्र के मिश्र लहौली ब्राइट डेजी स्कूल की वैन वाहन बुधवार की सुबह पड़री क्षेत्र के झिंगुरा गांव से छह बच्चों को लेकर देवरी पहुंची। चालक ने वहां दो बच्चों को बैठाने के लिए इंजन बंद कर दिया। दोनों बच्चे के बैठने के बाद चालक ने गाड़ी स्टार्ट किया तो इंजन से धुआं उठने लगा और आग लग गई। तत्काल चालक ने गाड़ी रोक दी। आग की लपटें देख कर ग्रामीण मौके पर पहुंचे और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। उसके बाद पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आग बुझवाई। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित निकाला लिया गया। दस मिनट और विलंब होता तो बच्चों को नुकसान पहुंच सकता था। वाहन में सचिन तिवारी,  हर्षित तिवारी, नयनीश तिवारी , मयंक तिवारी,  योग्यता पांडेय,  यश त्रिपाठी,  निष्ठा और उज्ज्वला आदि बच्चे बैठे थे, जिनको सुरक्षित निकाल लिया गया।  उनको किसी प्रकार का नुकसान नहीं पहुंचा है। घटना की सूचना मिलने पर दोपहर में जिलाधिकारी बिमल कुमार दुबे और आरआई ओपी सिंह ने मौके पर पहुंच कर हालात का जायजा लिया।

आरटीओ का निर्देश बेमानी
पड़री। बच्चों को ले जाने वाला वाहन ब्राईट डेजी स्कूल के प्रबंधक मनोज कुमार शर्मा के नाम से आरटीओ दफ्तर में पंजीकृत है। वाहन को जुलाई माह में फिटनेस प्रमाण पत्र मिला था। वाहन का इंश्योरेंस भी था। कागजाज पूर्ण था लेकिन न जाने किन परिस्थितियों में वाहन में आग लग गई। गाड़ी में आग बुझाने का कोई यंत्र मौजूद नहीं था जिससे आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। वाहन आरटीओ के निर्देशानुसार पीले कलर से नहीं रंगा हुआ था और न ही उस पर वाहन चालक का नाम और नंबर भी नहीं लिखा हुआ था।
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जीवित्पुत्रिका माता ने की रक्षा
पड़री। ईश्वर का ही आशीर्वाद था कि बच्चे बाल बाल बच गए। यह कहना था अभिभावकों का। बच्चों की दादी और घर की महिलाओं का कहना था यह जीवित्पुत्रिका पर्व का प्रताप था कि घर के नौनिहाल आग से घिरने के बाद भी बच गए। एलकेजी के छात्र सचिन की दादी गेना देवी ने कहा कि जिउतिया माता ने मेरे पोते के जीवन की रक्षा की है। यश त्रिपाठी की मां नीलम त्रिपाठी ने कहा कि ईश्वर ने बच्चों की रक्षा की । निष्ठा और उज्ज्वला के भाई सौरभ ने कहा कि यह हादसा है, इसमें किसी का दोष नहीं है।
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