जिले में अब सैनिक विद्यालय भी खुलेगा। इसकी स्थापना पब्लिक प्राइवेट पार्टनरशिप (पीपीपी) के आधार पर की जाएगी। रक्षा मंत्रालय इसमें सहयोग करेगा। विद्यालय रक्षा मंत्रालय के सैनिक स्कूल सोसायटी से संबद्ध होगा। सैनिक स्कूल खोलने के लिए लायंस क्लब मिर्जापुर की तरफ से बरकछा में आठ एकड़ जमीन भी खरीद ली गई है।
केंद्रीय मंत्रिमंडल ने देश में सैनिक स्कूल सोसायटी के साथ मिलकर 100 स्कूल विद्यालय खोले जाने के प्रस्ताव को पिछले साल मंजूरी दी थी। इसके तहत स्कूल खोलने में निजी विद्यालय प्रबंधन व एनजीओ आदि भागीदारी कर सकते हैं। कक्षा छह से शुरू होने वाले इन सैनिक स्कूलों में शैक्षिक सत्र 2023-24 में बच्चों को प्रवेश दिया जाना है। यह सैनिक स्कूल की तरह ही काम करेगा। अभी देश में 33 सैनिक स्कूल हैं। उन विद्यालयों में कक्षा छह में हर साल 3000 बच्चे प्रवेश ले सकते हैं।
लायंस स्कूल के प्रधानाचार्य डॉ. एनके पांडेय ने बताया कि इसके लिए लायंस स्कूल ने पहल की है। शीघ्र ही आगे की प्रक्रिया पूरी की जाएगी। नगर विधायक रत्नाकर मिश्र को रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने जिले में सैनिक स्कूल खोलने का आश्वासन दिया था। लायंस स्कूल के प्रबंधक विश्वनाथ अग्रवाल और कोषाध्यक्ष राजेश अग्रवाल के निर्देशन में क्लब ने आठ एकड़ जमीन रजिस्ट्री करा ली है। प्रस्तावित सैनिक स्कूल में एक कक्षा में 45 बच्चे रहेंगे। इसमें से 50 प्रतिशत बच्चों के नाम सैनिक स्कूल सोसायटी की तरफ से प्रस्तावित किए जाएंगे। अन्य 50 प्रतिशत बच्चों का प्रवेश स्कूल प्रबंधन अपने स्तर से लेगा। सैनिक स्कूल सोसायटी जिन 50 प्रतिशत बच्चों के नाम प्रस्तावित करेगी, उनकी पढ़ाई आदि पर आने वाले खर्च का वहन भी सोसायटी ही करेगी। जिला विद्यालय निरीक्षक अमरनाथ सिंह का कहना है कि सैनिक विद्यालय खोले जाने का प्रावधान किया गया है, लेकिन जिले में सैनिक विद्यालय खोले जाने संबंधी विस्तृत विवरण अभी मेरे पास नहीं है। हालांकि ऐसी योजना अवश्य है।