कछवां। नगर पंचायत बोर्ड की बुधवार को हुई बैठक हंगामेदार रही। कई सभासदों ने चेयरमैन के जेठ और पति पर मनमाने ढंग से कार्य करने का आरोप लगाते हुए बैठक का बहिष्कार कर दिया। हंगामे के चलते कोई नया प्रस्ताव पारित नहीं हो सका।
बुधवार को अपराह्न तीन बजे नगर पंचायत कछवां बोर्ड की बैठक शुरू हुई तो सभासदों ने पहले तो अध्यक्ष के पति पर बोर्ड में नियम विरुद्ध तरीके से बैठने का विरोध किया। इसके बाद बैठक में हंगामा शुरू हो गया। परेड वार्ड के सभासद लालजी ने अपने वार्ड का एक भी काम ऑनलाइन निविदा में नहीं दिखने पर मनमाने ढंग से कार्य किए जाने का आरोप लगाया और सभी निविदा निरस्त करने की मांग की। अधिकांश सभासदों ने मनमानेपन पर अंकुश लगाने के लिए समिति बनाने की मांग की। साथ ही निर्माण कार्य, सफाई, पेयजल सहित अन्य समितियों में कुल 12 सभासदों में से तीन-तीन को एक एक समिति में सदस्य बनाए जाने की मांग की। सदस्यों ने कोई भी कार्य और संविदाकार को भुगतान समिति के सदस्यों की लिखित सहमति से ही किए जाने की मांग भी की। समिति बनाने के प्रस्ताव को अध्यक्ष ने सिरे से खारिज कर दिया। सभासदों का कहना था कि कड़ाके की ठंड पड़ रही है और सभासद जहां भी अलाव जलवाने की मांग कर रहे हैं, वहां अलाव नहीं जलवाया जा रहा है। आरोप लगाया कि चेयरमैन के जेठ और पति मनमाने ढंग से अलाव जलवा रहे हैं। मांगें नहीं माने जाने से नाराज सभासदों ने बैठक का बहिष्कार किया। बहिष्कार करने वालों में मैनब बानो, अरशद जमाल, ज्योति चौरसिया, मुन्नी देवी, राजेश, अवनीश त्रिपाठी, शेखर उपाध्याय आदि शामिल रहे।