रोड नहीं तो वोट नहीं का नारा लगाते हुए ग्रामीणों ने रविवार को रूपौधा में प्रदर्शन किया। खस्ताहाल सड़काें से नाराज रूपौधा के ग्रामीणों ने विधानसभा चुनाव के दौरान मतदान का बहिष्कार करने की चेतावनी दी। ग्रामीणों ने जनप्रतिनिधियों पर क्षेत्र के विकास की उपेक्षा का आरोप भी लगाया।
वर्षो से खराब पड़ी नरायनपुर इमिलियाचटटी मार्ग को नहंी बनाने जाने पर विकास खंड नरायनपुर के ग्रामीणों का गुस्सा भड़क गया। ग्रामीणों ने विधान चुनाव में जनप्रतिनिधियों को सबब सिखाने के लिए रविवार को रोड नहीं तो वोट नही के बैनर पोस्टर के साथ नारा लगाते हुए सड़क पर उतर गए। विरोध प्रकट करते हुए पूरे गांव का भ्रमण किया। कहा कि बार-बार लिखित व मौखिक मांग के बावजूद आज तक कोई कार्यवाही नहीं हो पाई है। लगभग पांच वर्ष पूर्व नरायनपुर से इमिलियाचट्टी मार्ग की मरम्मत काफी जद्दोजहद के बाद आनन-फानन में कराया गया। ठेकेदार ने कार्य पूरा कराकर पेमेन्ट भी करा लिया। मानक के अनुसार सड़क नहीं बनाए जाने के चलते कुछ माह बाद ही उखड़ने लगी और जर्जर हो गई।
ग्रामीणों ने बताया कि मरम्मत कार्य के दौरान रूपौधा गांव के सामने के मार्ग को अधूरा छोड़ दिया गया था। इससे आवागमन में परेशानी होती है और लोगों में काफी आक्रोश है। आक्रोशित ग्रामीणों ने कहा कि नरायनपुर से इमिलियाचट्टी तक का मार्ग का मरम्मत कराने के साथ रूपौधा गांव के जल निकासी की समुचित व्यवस्था एक माह के अंदर कराई जाय नहीं तो ग्रामीण मतदान का बहिष्कार करेंगे। गांव के लोग इस बात पर कृतसंकलि्पत हैं कि रोड नहीं तो वोट नहीं देंगे। प्रदर्शन करने वालों में गिरीश चंद्र श्रीवास्तव, राम सरोज सिंह, दिलीप कुमार श्रीवास्तव, विरेंद्र यादव, संजय गुप्ता, ज्ञानेश्वर प्रसाद, प्रभावती देवी, कलावती देवी, बालकिशुन रहे।