पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर पुलिस लाइन में बुधवार को सीमा की रक्षा करते हुए अपने प्राणों की आहूती देने वाले दस जवानों को श्रद्धांजलि अर्पित की गई।
इस दौरान डीआईजी शिवसागर सिंह एवं पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने पिछले एक वर्ष में शहीद हुए पुलिस कर्मियों के नाम बताते हुए शहीदों को श्रद्धासुमन अर्पित किया तथा उनके परिजनों के प्रति संवेदना प्रकट की।
डीआईजी ने बताया कि 21 अक्तूबर 1959 को लद्दाख के जनहीन क्षेत्र में सीआरपीएफ के जवान अपनी नियमित गश्त पर निकले थे। इसी दौरान कब्जे की नियत से चीनी सैनिकों ने अचानक उनके ऊपर धोखे से हमला बोल दिया था। परंतु प्राण देकर भी मातृभूमि की रक्षा करने की भारतीय परंपरा को बरकरार रखते हुए साधारण शस्त्रों के सहारे ही ये जवान स्वचालित राइफलों व मोटारों से लैस चीनियों से िभड़ गए और अपने सीमा की रक्षा की।
उन्होंने बताया कि इस घटना में दस जवान मातृभूमि की रक्षा करते हुए शहीद हो गए थे। पुलिस अधीक्षक अरविंद सेन ने बताया कि इस घटना में शहीद हुए पुलिस कर्मिर्यो की याद में प्रति वर्ष 21 अक्तूबर को पुलिस स्मृति दिवस का आयोजन किया जाता है।
उन्होंने बताया कि एक सितंबर 2014 से 31अगस्त 2015 तक की अवधि में संपूर्ण भारत में 434 पुलिसजनों द्वारा कर्तव्य की वेदी पर अपनी जीवन की आहुतियंा दी गई है। जिनमें उत्तर प्रदेश के 108 उपाधीक्षक से लेकर आरक्षी तक शामिल है।
इस अवसर पर सेनानायक 39 वीं वाहिनी पीएसी, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अजय सिंह, आपरेशन अरविंद मिश्रा, सीओ नगर श्वेता श्रीवास्तव, सदर रामनाथ वर्मा, सीएफओ, पतिसार निरीक्षक, पीआरओ एनएन सिंह, कटरा कोतवाल डीपी शुक्ला, देहात कोतवाल शफीक अहमद, शहर सुरेंद्र तिवारी समेत अन्य पुलिस कर्मी मौजूद रहे।