नव वर्ष पर रविवार को त्रिकोण मार्ग भी भक्तों से गुलजार रहा। मां विंध्यवासिनी के दर्शन बाद अधिकांश भक्तों ने माता काली और अष्टभुजा देवी के भी दर्शन किए। कोई पैदल तो कई ने वाहनों से काली खोह स्थित मंदिर पहुंचकर माता काली के दर्शन किए।
चुनार किला पहुंची पर्यटकों की भीड़
- फोटो : अमर उजाला
नव वर्ष पर लोगों ने देवी-देवताओं के दर्शन-पूजन के साथ ही पर्यटन स्थलों पर पहुंचकर आनंद लिया। गंगा तट पर स्थित चुनार के ऐतिहासिक किला में आसपास के इलाकों के अलावा प्रयागराज, वाराणसी, सोनभद्र, चंदौली, संत रविदास नगर, गाजीपुर, जौनपुर आदि स्थानों से काफी संख्या में पर्यटक पहुंचे।
चुनार किला में पर्यटकों ने रानी सोनवा का मंडप, विशाल योगी बाबा भतृहरि नाथ की समाधि, विशालकाय बाउली आदि का जायजा लिया। इस दौरान पर्यटक भगवान विष्णु के पद चिन्हों की आकृति वाले दुर्ग की कारीगरी व सोनवा मंडप की नक्काशी की सराहना करते नजर आए।
राजगढ़ मार्ग पर स्थित दुर्गा मंदिर, टेकौर स्थित मां काली मंदिर सहित अन्य मंदिरों में भी लोगों ने पहुंचकर दर्शन-पूजन किया। नव वर्ष पर जरगो जलाशय क्षेत्र में भी सैलानियों की भीड़ लगी रही। परिवार के साथ वाराणसी, चंदौली, भदोही व सोनभद्र आदि जिलों के सैलानियों ने बाटी-चोखा का आनंद उठाया।