सर्रोईबाबू में नहर तटबंध टूटने से फसलें डूबी घरों तक पहुंचा पानी।-संवाद।
जिगना। चूहों के बिल बनाने से बेलन नहर प्रखंड की मांडा रजबाहा नहर का तटबंध शुक्रवार की रात आठ बजे टूट जाने से छानबे क्षेत्र के सर्रोई बाबू में 12 बीघा से ज्यादा गेहूं, सरसों की फसल डूब गई। कई मकानों तक भी पानी पहुंच गया है। किसानों ने फसल के नुकसान की जांच कराकर मुआवजा दिए जाने की मांग की है। ग्राम पंचायत रायपुर के सर्रोईबाबू में जब भी नहर में पानी छोड़ा जाता है अक्सर तटबंध टूट जाता है। इससे लोगों का काफी नुकसान होता है। ग्राम प्रधान संतोष कुमार तिवारी व विरेंद्र सेठ ने बताया कि शुक्रवार की रात आठ बजे गांव के सामने नहर का तटबंध टूट गया। इसकी सूचना बेलन नहर प्रखंड के अवर अभियंता को दी गई। इसके बाद भी रात में न तो नहर का पानी बंद किया गया न ही कोई उपाय किया गया। पूरी रात पानी बहने से गांव के चारों तरफ खेत पानी में डूब गए। पानी खलीफा, महेंद्र कुमार, मुख्तार, जिलबोधन, राजेंद्र वर्मा के मकानों तक पहुंच गया। गांव निवासी दरोगा अली, नान्हक वर्मा, रमेश वर्मा, किशन गुप्ता, बिष्णु, सीताराम, लालचंद, मनीराम, विजयेंद्र, मोहन व महेश आदि की बोई गई गेहूूं, सरसों, अरहर की फसल पानी में डूब गई। शनिवार को सुबह 10 बजे सिंचाई विभाग का मेठ तीन मजदूर लगाकर तटबंध को ठीक तो कराया है लेकिन वह किसी भी समय टूट सकता है। किसानों में इस बात का रोष है कि नहर विभाग के अधिकारी हर वर्ष तटबंध टूटने की समस्या से अवगत हैं। बावजूद कोई ठोस उपाय नहीं कर रहे। इससे किसानों को नुकसान उठाना पड़ रहा है। किसानों ने उच्चाधिकारियों से मामले की जांच कर बर्बाद हुई फसलों का मुआवजा दिलाए जाने की मांग की है।