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Mirzapur News: रामेश्वरम सेतु की स्थापना कर राम की सेना ने किया समुद्र पार, अंगद-रावण संवाद ने बांधा समां

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मिर्जापुर। पहाड़ी, छानबे व विंध्याचल क्षेत्र में बुधवार की देर रात आयोजित रामलीला मंचन के दौरान दर्शकों से पंडाल पटा रहा। कहीं पर रामेश्वर सेतु की स्थापना करके राम की सेना समुद्र पार हुई तो कहीं पर राम वनगमन के दृश्य का मंचन किया गया। विंध्याचल के मोतीझील में लंका दहन की लीला का मंचन हुआ।
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पड़री, पहाड़ी ब्लॉक के धर्मदेवा में बुधवार की देर रात रामेश्वरम की स्थापना, समुद्र से मार्ग की प्रार्थना और अंगद-रावण संवाद जैसे दृश्यों ने दर्शकों को भक्ति, वीरता और नीति के सागर में डुबो दिया। लीला का प्रारंभ व्यास हेमंत मिश्रा के भावपूर्ण पाठ तब रघुपति कपिपतिहि बोलावा से हुआ। उनकी वाणी में ऐसा प्रभाव था कि पूरा पंडाल ध्यानमग्न हो उठा। नालवादक विजय कुमार विश्वकर्मा की मधुर ताल ने वातावरण को जीवंत बना दिया। मंच पर जब भगवान श्रीराम ने समुद्र तट पर शिवलिंग की स्थापना कर प्रार्थना की। जिगना में शिवपुर गोनौरा में शिव महिमा रामलीला समिति की तरफ से वन गमन का मंचन किया गया। राम को वन जाने की खबर नगर में फैलती ही लोग कैकेई को दोषी ठहराते हुए राम के साथ चलने को तैयार हो गए। राजा दशरथ व कैकेई संवाद के साथ ही सीता व कौशल्या व राम संवाद को दर्शकों ने सराहना किया। राम को वन जाने की सूचना पर लक्ष्मण ने कहा कि मैं यहां नहीं रहूंगा मैं राम भैया के सेवा में ही रहूंगा तो राम ने मां से आज्ञा लेकर ही चलने को कहा। राम, लक्ष्मण व सीता को देख दशरथ ने कहा कि तीन क्यों जा रहे हैं मैंने तो वरदान में सिर्फ राम को वन दिया है। राम लक्ष्मण सीता को सुमंत के साथ वन जाते देख नगरवासी बाल सखा भी वन को चल देते हैं। विंध्याचल, मोती झील मार्ग पर स्थित भंडारा स्थल प्रांगण में श्री विंध्य प्राचीन रामलीला कमेटी के तत्वावधान में श्री विंध्य पंडा समाज अध्यक्ष पंकज द्विवेदी व मंत्री भानु पाठक ने हनुमान जी की भव्य आरती व पूजन व फीता काटकर डिजिटल रामलीला का शुभारंभ किया। रामलीला मंचन के दौरान सुग्रीव के साथ राम की सेना समुद्र किनारे पहुंचती हैं और लंका पार करने के उपाय सोचने लगती है। उसी समय जामवंत ने हनुमान को शक्तियों का ध्यान दिलाया। हनुमान लंका में प्रवेश कर माता सीता का पता लगाने के साथ ही पकड़े जाने पर रावण दरबार में पूंछ में आग लगते ही हनुमान सोने की लंका को जलाकर भस्म कर दिया। इस दौरान संरक्षक प्रकाश चंद्र पांडेय, अध्यक्ष संगम लाल त्रिपाठी, मंत्री आदर्श उपाध्याय आदि मौजूद रहे।
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