विंध्याचल। महाकुंभ के पलट प्रवाह के कारण मंगलवार को मंगला आरती से पहले ही मां विंध्यवासिनी के धाम में श्रद्धा का सैलाब उमड़ पड़ा। माघ की चतुर्दशी होने की वजह से श्रद्धालुओं की भारी भीड़ रही। गंगा घाटों के अलावा गलियों और सड़कों पर भी रेला उमड़ता रहा।
देश के कोने-कोने से आए श्रद्धालुओं की भीड़ विंध्याचल में उमड़ रही है। भीड़ को नियंत्रित करने के लिए जगह-जगह बैरिकेडिंग कराने के साथ पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की ड्यूटी लगाई गई है।
अष्टभुजा पहाड़, काली खोह मंदिर, शास्त्री सेतु, मोती झील, बंगाली चौराहे, बरतर तिराहे और स्टेट बैंक चौराहे के अलावा गलियां भी जाम नजर आईं। भोर से ही मां विंध्यवासिनी के दरबार में लंबी कतारें लग गई थीं। मंगला आरती के बाद पट खुलते ही दर्शन-पूजन का सिलसिला शुरू हुआ, जो रात तक अनवरत चलता रहा।
जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन, एडीएम वित्त एवं राजस्व शिव प्रताप शुक्ल और नगर मजिस्ट्रेट विनीत कुमार उपाध्याय के अलावा कई अधिकारी पूरे दिन मंदिर में जुटे रहे।
पंडा समाज के अध्यक्ष पंकज द्विवेदी ने बताया कि 10 लाख से अधिक श्रद्धालुओं मां के दर्शन किए। यातायात प्रभारी विपिन पांडेय ने बताया कि शहर में पौनं पांच लाख वाहनों का अवागमणन रहा।