मिर्जापुर। दूसरे जिले से आए एक परिवार की बहू से छेड़खानी करने के आरोपी समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता पंडा राज मिश्रा की मुश्किलें और बढ़ सकती हैं। श्री विंध्य पंडा समाज द्वारा छह महीने तक मां विंध्यवासिनी मंदिर में पुरोहिती पर रोक लगाए जाने के बाद पंडा राज मिश्रा की विंध्य विकास परिषद की सदस्यता भी जा सकती है। कुछ साल पहले तत्कालीन जिलाधिकारी द्वारा राज को सदस्य मनोनीत किया गया था। बाद में कोरोना व अन्य कारणों से चुनाव नहीं होने की वजह से राज मिश्रा मनोनीत सदस्य बना हुआ है। अब प्रशासन की तरफ से परिषद की सदस्यता की समीक्षा भी शुरू कर दी गई है।
विंध्य विकास परिषद में सात सदस्य होते हैं। पांच सदस्य पंडा समाज द्वारा चुनकर आते हैं। दो सदस्य जिलाधिकारी द्वारा मनोनीत किए जाते हैं। विंध्य विकास परिषद ही दान पात्र से निकलने वाले धन के खर्च व मंदिर की व्यवस्था आदि को लेकर अंतिम निर्णय करती रही है। ऐसे महत्वपूर्ण पद पर राज मिश्रा के बने रहने को लेकर भी चर्चाएं शुरू हो गई हैं। शुक्रवार को श्री विंध्य पंडा समाज ने बैठक कर सर्व सम्मति से छेड़खानी करने के आरोपी तीर्थ पुरोहित को छह महीने के लिए निष्कासित कर दिया था। ज्ञात हो, अलीगढ़ से एक परिवार बीते मंगलवार को विंध्याचल पहुंचा। परिवार के लोगों ने मां विंध्यवासिनी, मां अष्टभुजा और मां कालीखोह के दर्शन किया।
परिवार के एक व्यक्ति ने बताया कि इसके बाद वे विंध्याचल पहुंचे तो परिचित राज पंडा मिल गया। उनसे उसने कहा कि पत्नी के साथ पूजा करानी है। इस पर वह पंडा अपने गेस्ट हाउस पर ले गया। गेस्ट हाउस पर बाहर शोर हो रहा था। इस पर पंडा ने कहा कि कमरे में पूजा करा दें। उन्होंने सहमति जताई तो कमरे में ले गया। पत्नी से पूजा कराने के बाद पंडा ने कहा कि बहू से पूजा करा दें। इसके बाद बहू को कमरे में ले गया और दरवाजे में कुंडी लगा दी।
आरोप लगाया कि राज मिश्रा ने कमरे में बहू के साथ छेड़खानी की। तहरीर मिलने पर पुलिस ने राज पंडा के खिलाफ छेड़खानी का मुकदमा दर्ज किया। बृहस्पतिवार को विंध्याचल पुलिस ने छेड़खानी के आरोपी पंडा व सपा कार्यकर्ता राज मिश्रा को गिरफ्तार कर लिया। उसे न्यायालय से अंतरिम जमानत मिल गई। श्री विंध्य पंडा समाज की शुक्रवार की शाम को हुई बैठक में सर्व सम्मति से निर्णय लिया गया कि राज मिश्रा छह महीने तक पुरोहिती नहीं करेंगे। शनिवार को जिलाधिकारी को पत्र देकर आरोपी को पुरोहिती करने से रोकने का अनुरोध किया था।