जिला प्रशासन को सौंपे गए छह सूत्री ज्ञापन के माध्यम से कहा गया कि उप्र से पूर्वांचल काशी राज्य और बनारस पुराना स्टेट होने के नाते वाराणसी को राजधानी बनाया जाए। कहा गया कि सभी छोटे-बड़े घोटाले का धन विदेशाें में जमा काले धन की जांच कराके भारत में आर्थिक समानता लाना सुनिश्चित किया जाए।
विभिन्न प्रकार की सरकारी योजनाआें का लाभ पात्राें को दिया जाए। कहा गया कि गरीबी रेखा का कार्ड सहित वृद्धा, विधवा, विकलांग, समाजवादी पेंशन, इंदिरा और लोहिया आवास, मनरेगा में अपात्राें की जांच निष्पक्ष टीम गठित करके की जाए, जिससे गरीब पात्रों तक योजनाआें का लाभ पहुंच सके।
ज्ञापन के माध्यम से मंाग किया गया कि भारत से रिश्वतखोरी और भ्रष्टाचार को जड़ से समाप्त किया जाए तथा चकबंदी विभाग की ओर से चकबंदी कराकर पात्र गरीबाें को आवास के लिए और खेती के लिए पट्टा देना सुनिश्चित किया जाए। ज्ञापन के जरिए मांग किया गया कि भारत मे फैल रहे नक्सलवाद को समाप्त किया जाए।
इस दौरान राष्ट्रीय अध्यक्ष शेख निजामुद्दीन सहित परशुराम मिश्र, ललई यादव, मुन्नू राम, आलोक मौर्य, शोभनाथ, रामबदन, सत्य नारायण, अनवर अली आदि मौजूद रहे।