जिगना। लॉकडाउन के दौरान छानबे विकास खंड 93 ग्राम पंचायतों इन दिनों मनरेगा योजनांतर्गत कार्य शुरू हो गया है। खेतों के समतलीकरण, चकमार्ग, तालाबों के जीर्णोद्धार व नालों की सफाई कार्य युद्धस्तर पर जारी हैं। विकास खंड के विभिन्न ग्राम पंचायत को मिलाकर 4062 जॉबकार्ड धारकों को रोजगार उपलब्ध कराया गया है।
बिहसड़कला में 600 मीटर फटहवा नाले की सफाई में सोशल डिस्टेंसिंग का ध्यान रखते हुए 56 श्रमिकों को कार्य पर लगाया गया है। ग्राम प्रधान बलराम उर्फ पप्पू जायसवाल का कहना है कि कोरोना वायरस के प्रकोप को देखते हुए श्रमिकों को मास्क बांटने के साथ ही हाथ धुलाई के लिए साबुन आदि की व्यवस्था की गई है। भौरुपुर अजगना मे तालाब खुदाई के 90 श्रमिकों को लगाया गया है। ग्राम प्रधान युवराज सिंह व सचिव श्रीकृष्ण उपाध्याय ने बताया कि लॉकडाउन के दौरान मजदूरों को हमेशा रोजगार मिलता रहे चकरोड निर्माण के लिए वित्तीय स्वीकृति के ब्लाक मुख्यालय को दिया गया है। इसी क्रम मे ग्राम पंचायत विजयपुर, कोलाही, धौरहरा, रसौली, नरोइया व गौरा सहित अन्य ग्राम पंचायतों मे कार्य चल रहा है। प्रभारी खंड विकास अधिकारी एएन मिश्र ने बताया कि मनरेगा के तहत किन्हीं कारणवश कार्य चालू नहीं हुए हैं। वहां शीघ्र कार्य चालू कराए जाएंगे।
जमालपुर: अबतक साढ़े तीन हजार श्रमिकों को रोजगार
जमालपुर। विकास खंड में लॉकडाउन में श्रमिकों को रोजगार देने में महज खानापूर्ति ही की जा रही है। शासन के निर्देश पर मनरेगा योजना के तहत अब तक करीब 35 सौ मजदूर को ही काम दिया गया। अभी तक नब्बे ग्राम पंचायत में ही इस योजना के तहत कार्य चल रहा है।
बता दें कि लॉकडाउन के बीच जमालपुर क्षेत्र में मनरेगा के तहत कुल 99 ग्राम पंचायतों में से 90 गांव में कार्य शुरू हो चुका है। जिसमें अब तक 3500 मजदूरों को काम दिया जा चुका है। सरकार की मंशा है कि गांव में विकास कार्य में तेजी लाने के लिए साथ मजदूरों को रोजगार मिले जिससे कि उनका भरण पोषण हो सके। मनरेगा योजना के तहत एक श्रमिक को 80 घन फुट मिट्टी निकालना है। लेकिन बहुत गांव में सिर्फ खानापूर्ति की जा रही है। सहायक कार्यक्रम अधिकारी विजय श्रीवास्तव ने बताया कि मनरेगा का पूर्ण भुगतान तभी होगा जब तक कार्य कि जांच नहीं हो जाती है। उन्होंने कहा जहां भी शिकायत मिलेगी वहां जांच कराई जाएगी।