अंतरराष्ट्रीय न्यायिक मानवाधिकार संरक्षण के कार्यकर्ताओं ने शुक्रवार को सभी प्राइवेट विद्यालयों की ओर की गई फीस वृद्धि, और अभिभावक के शोषण करने के खिलाफ कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। मांगों से संबंधित ज्ञापन पत्र जिलाधिकारी व संयुक्त शिक्षा निदेशक विंध्याचल मंडल को सौंप कर कार्रवाई की मांग की। एक उच्च स्तरीय टीम बनाकर सभी निजी विद्यालयों की मान्यता की जांच करते उत्तर प्रदेश सरकार की गाइडलाइन के खिलाफ फीस वसूली पर कार्रवाई की मांग की।
सुनील कुमार पांडे एडवोकेट ने कहा कि मिर्जापुर जनपद के सभी प्राइवेट विद्यालय वर्तमान समय में अभिभावकों के आर्थिक शोषण का केंद्र बने हुए हैं। शिक्षा जैसे पवित्र कार्य का बाजारीकरण करके अभिभावकों का आर्थिक शोषण किया जा रहा है। जिलाध्यक्ष जयप्रकाश सेठ ने बताया कि मिर्जापुर के सभी प्राइवेट विद्यालय उत्तर प्रदेश सरकार के गाइडलाइन के खिलाफ जाकर मनमाना तरीके से फीस वृद्धि करके बच्चों और और अभिभावकों का आर्थिक शोषण कर रहे हैं। साथ ही विद्यालय प्रबंधन द्वारा मुनाफा खोरी करने के लिए अधिक से अधिक कमीशन लेकर किताब, कापी, ड्रेस व शूज खरीदने के लिए तय दुकानों से सामान खरीदने का दबाव अभिभावकों पर बनाया जा रहा है। इस अवसर पर आनंद कुमार सिंह, प्रो. बी सिंह, रविंद्र कुमार श्रीवास्तव, रमाशंकर साहू, प्रदीप कुमार सिंह, रमेश कुमार सिंह, जितेंद्र भारती, संजय कुमार गुप्ता आदि रहे।