बीमार और घायलों को समय पर चिकित्सीय सुविधा उपलब्ध कराने के लिए शुरू की गई समाजवादी एंबुलेंस योजना को उसके चालक ही पलीता लगा रहे हैं। चालकों ने एंबुलेंस को निजी कमाई का साधन बना लिया है। ऐसा ही एक मामला सोमवार की रात में सामने आया है। मरीज की जगह बारातियों को ढोने पर एंबुलेंस चालक और सहायक की सेवा समाप्त कर दी गई है। पूरे प्रकरण की जांच के लिए टीम भी गठित कर दी गई है।
प्रदेश सरकार ने बीमार और घायलों को समय पर चिकित्सीय सुविधा दिलवाने के लिए हर ब्लाक/सीएचसी में 108 समाजवादी एंबुलेंस सेवा शुरू की है। इसके तहत 108 नंबर पर काल करते ही एंबुलेंस मरीज के पास पहुंच जाएगी और उसे तत्काल चिकित्सालय पहुंचाएगी। इसके विपरीत कई चालकों ने एंबुलेंस को निजी कमाई का साधन बना लिया है। सोमवार को चुनार तहसील की एंबुलेंस नंबर यूपी 41 जी 09 क60 नगर के बिसुंदरपुर इलाके में बारात में लेकर आई थी। वहां कुछ लोग उसकी फोटो खींचने लगे तो चालक बारातियों को लेकर लौटने लगा पर लोगों ने उसका पीछा कर लिया। इसी बीच कुछ लोगों ने 108 नंबर पर काल कर एंबुलेंस की मांग की तो उन्हें बताया गया कि चुनार की एंबुलेंस मरीज को लेकर जिला चिकित्सालय गई है। बाद में जिला चिकित्सालय के रजिस्टर को चेक किया गया तो सोमवार की शाम छह बजे से रात 12 बजे तक कोई एंबुलेंस किसी मरीज को लेकर नहीं आई थी। इस पर लोगों ने मामले की शिकायत कंट्रोल रूम और सीमएओ से की। स्वास्थ्य केंद्र के एक कर्मचारी के रिश्तेदार की बारात लेकर चालक गया था।